उत्तराखंड के गांवों में रौनक लौट आई – वीरान पड़ चुके गांव फिर आबाद & Top UK News 17 April 20

17 April 20 # High Light # वैज्ञानिक श्री शाबिर अहमद ने मैकेनाइज्ड हैंड वॉश मशीन का डेमो दिया # इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में स्थापित किये गये क्वारेन्टाइन व आइसोलेशन केन्द्र अग्रिम आदेशों तक क्रियाशील रहेगा तथा उक्त परिसर/भवन में अग्रिम आदेशों तक सभी आवागमन निषिद्ध रहेगा #शिक्षकों, आशा कार्यकर्तियों  एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों द्वारा अब तक कुल 385226 व्यक्तियों की  सामुदायिक निगरानी# गणेश जोशी ने सहस्त्रधारा में डाबर इण्डिया लिमिटेड के सौजन्य से 2500 से अधिक रियल जूस, कोकोनेट वाॅटर एवं बिस्कुट का वितरण किया #श्री अनसूया मंदिर ट्रस्ट समिति ने गुरूवार को मुख्यमंत्री राहत कोष में एक लाख रुपये का दान # जिलाधिकारी चमोली नेजिला स्तर पर बनाए गए कोविड कन्ट्रोल रूम का निरीक्षण # जनपद चमोली – होम क्वारेन्टाइन में अब 1731 लोग चल रहे है। अभी तक 3798 लोगों में से 2067 लोग होम क्वारेन्टाइन अवधि पूरा कर चुके है। #चमोली जिला प्रशासन ने मजदूरो को नियमित योग, व्यायाम के साथ पुस्तकें पढकर सुखी जीवन जीने के गुरू सिखाये #उत्तरकाशी में वाले ग्रुप एडमिन पर अफवाह फैलाने पर मुक़दमा दर्ज #ईसाई समुदाय के नौ परिवारों ने देहरादून पुलिस को दिये मेडिकल सामग्री # कैलाश मानसरोवर (Kailash Mansarovar) यात्रा इस साल नहीं हो पाएगी. # #Himalayauk Newsportal & Daily Newspaper, publish at Dehradun & Haridwar:

Breaking: Himalayauk: उत्तराखंड (Uttarakhand) में शुक्रवार को 3 और पॉजिटिव केस सामने आने के बाद राज्य में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 40 हो गई है. राज्य के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कोरोना संक्रमण के तीन नए मामले सामने आए हैं. हालांकि, राज्य में कोविड-19 के 9 मरीज अब तक ठीक होकर घर जा चुके हैं.

उत्तराखंड के गांवों में रौनक लौट आई – खाली गांवों में बदला माहौल

उत्तराखंड के गांवों में इन दिनों रौनक लौट आई है. कुछ दिन पहले तक जिन खाली गांवों में इक्का-दुक्का लोग दिखते थे, वे आबाद नजर आ रहे हैं. उत्तराखंड बनने के बाद रोजगार के लिए हजारों लोगों ने गांव छोड़ दिए. साल 2010 के बाद बिगड़ते हालात ने इन गांवों के कई घरों में ताले लगा दिए. एक के बाद एक गांव खाली होते चले गए. स्थिति यह हो गई कि लॉकडाउन (Lockdown) से ठीक पहले की स्थिति में 700 से ज़्यादा गांवों में तो एक भी परिवार नहीं रह गया था. ऐसे गांवों को घोस्ट विलेज यानी ‘भुतहा गांव’ कहा जा रहा था. अब कोरोना वायरस से फैले संक्रमण की वजह से पूरा माहौल बदल गया है. सिर्फ गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के दो जिलों की ही बात कर ली जाए तो आंकड़े बताते हैं कि भुतहा हो चुके गांवों में अब इंसानों की आमद-रफ़्त लौट आई है. कोरोना के डर और मजबूरी में ही सही लोग गांव लौटे हैं. पौड़ी जिले की बात करें तो करीब 12,000 लोग अपने गांव लौटे हैं और अल्मोड़ा में लगभग 10,000 लोग अपने घर वापस आए हैं. पौड़ी ज़िले के प्रभारी मंत्री हरक सिंह भी मान रहे है कि ज़िले के खाली गांवों में आजकल माहौल बदला हुआ है. ऐसे में खास प्लान तैयार किये जााने की जरूरत है.

पौड़ी जिले में खंड विकास अधिकारियों को फॉर्म दिए गए हैं, जिन्हें लॉकडाउन के दौरान लौटे लोगों से भरवाया जाएगा. इनमें यह पूछा जाएगा कि वे कहां से लौटे हैं, वहां कितना पैसे कमाते थे और फिर इसी के आधार पर युवाओं के लिए ज़िले में ही स्वरोजगार की व्यवस्था की जाएगी.. रिवर्स पलायन के लिए त्रिवेंद्र सरकार ने 2017 में एक पलायन आयोग का गठन किया था. यह आयोग अब तक पलायन पर कई सर्वे कर चुका है और अब मुख्यमंत्री ने इसे एक और सर्वे की जिम्मेदारी सौंप दी है. इस सर्वे में हर जिले में लॉकडाउन में कितने लोग लौटे हैं और आगे भविष्य को लेकर वे क्या सोचते हैं. इसके आधार पर ज़्यादा से ज़्यादा युवाओं को राज्य से ही जोड़े रखने की योजना बनाई जा सकेगी. उत्तराखंड में पलायन बड़ी समस्या रही है और सरकारें रिवर्स पलायन कराने में करीब-करीब असफल रही हैं. ऐसे में लॉकडाउन में घर लौटे युवाओं को सरकार इस बार रोज़गार और गांव से जोड़ना चाहती है ताकि वीरान पड़ चुके गांव फिर आबाद हों.

वैज्ञानिक श्री शाबिर अहमद ने मैकेनाइज्ड हैंड वॉश मशीन का डेमो दिया

देहरादून 17 अप्रैल, 2020 (सू.ब्यूरो)   मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के समक्ष शुक्रवार को वैज्ञानिक श्री शाबिर अहमद ने मैकेनाइज्ड हैंड वॉश मशीन का डेमो दिया। उन्होंने कहा कि यह मशीन कोविड-19 के दृष्टिगत बहुत उपयोगी साबित हो सकती है।

इस मशीन के द्वारा नल एवं साबुन को छुए बिना हाथ धोया जा सकता है। इस मशीन में पानी एवं साबुन का कंट्रोल पांवो से किया जाता है। मशीन में दो पेडल हैं जिनसे आवश्यकतानुसार पानी एवं साबुन का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसकी औसतन लागत लगभग 9,500 रुपए है।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र ने कहा कि यह हैंडवाश मशीन सार्वजनिक स्थलों के लिए कारगर साबित होगी। कोविड-19 पर नियंत्रण में भी यह मशीन उपयोगी सिद्ध होगी।

वन अनुसंधान परिसर को क्वारेन्टाइन से मुक्त करने हेतु किये गये अनुरोध पर जिलाधिकारी द्वारा उक्त संस्थान को लाॅक डाउन/क्वारेन्टाइन से मुक्त करने के आदेश

  देहरादून दिनांक 17 अप्रैल 2020 (जि.सू.का),  जिलाधिकारी डाॅ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने अवगत कराया है कि कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमित 03 प्रशिक्षु आई.एफ.एस के चिन्हित होने के फलस्वरूप वन अनुसंधान संस्थान परिसर को आवागमन हेतु निषिद करते हुए क्षेत्र को 14 दिन के लिए लाॅक डाउन किया था तथा केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार एवं आयुर्विज्ञान संस्थान परिषद द्वारा कोरोना संक्रमण क्षेत्र को पूर्ण रूप से संक्रमण मुक्त किये जाने हेतु कुल 28 दिवस   Containment Plan, COVID-19, Ministry of Health and Family Welfare    ) पूर्ण किये जाने की एडवाईजरी के अनुपालन में वन अनुसंधान संस्थान परिसर की लाॅक डाउन को 14+14 कुल 28 दिन करने के आदेश दिये गये थे। मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा उक्त संस्थान की क्वारेंन्टाइन के 28 दिन की समय अवधि पूर्ण होने के दृष्टिगत वन अनुसंधान परिसर को क्वारेन्टाइन से मुक्त करने हेतु किये गये अनुरोध पर जिलाधिकारी द्वारा उक्त संस्थान को लाॅक डाउन/क्वारेन्टाइन से मुक्त करने के आदेश दिये गये हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में स्थापित किये गये क्वारेन्टाइन व आइसोलेशन केन्द्र अग्रिम आदेशों तक क्रियाशील रहेगा तथा उक्त परिसर/भवन में अग्रिम आदेशों तक सभी आवागमन निषिद्ध रहेगा तथा जनपद में प्रभावी लाॅक डाउन इस क्षेत्र में भी यथावत लागू रहेगा।

जिलाधिकारी ने अवगत कराया है कि आज विभिन्न स्वंयसेवी संस्थाओं ने जिला प्रशासन को सहयोग प्रदान करते हुए भोजन पैकेट उपलब्ध कराये, जिसमें मुख्यतः राधास्वामी सत्संग व्यास, गीता भवन, लोकायुक्त कार्यालय देहरादून, अग्रवाल चेरिटेबल ट्रस्ट, गुरूद्वारा श्री गुरू अंगद देव जी कांवली रोड, पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर समिति झण्डाबाजार, दून यूनिवर्सिटी, एल्थम बेकरी, केतन आनन्द, रोशनी जन सेवा संस्थान डी.एल रोड चैक देहरादून, राजकुमार जिंदल नेहरू कालोनी, सत्य सांई सेवा संस्थान, ई-नेट सोल्यूशन ट्रांस्पोर्ट नगर देहरादून, गोयल स्वीटशाॅप, शिल्पा प्रोडक्शन द्वारा भोजन के पैकेट उपलब्ध कराये गये। जनपद सदर क्षेत्रान्तर्गत कुल 5145 व्यक्तियों को  भोजन पैकेट वितरित किये गये, जिनमें 1 वरिष्ठ नागरिक, 40 विद्यार्थी, थाना पटेलनगर में 800, दीपनगर में 1000, चकशाह नगर में 1100, धारा चैकी में 200, चैकी इन्दिरा नगर में 300, चैकी पटेलनगर में 400, कारगी काली मन्दिर में 135, बंजारावाला में 100, नत्थनपुर में 70,  नगर निगम में 200, ट्रांस्पोर्टनगर में 200, चन्द्रबनी में 115, चैयला में 100, गौतमकुण्ड में 84, थाना रायपुर में 200, ब्रहा्रपुरी में 40, जी.एम.एस रोड में 30, नवादा में 30 व्यक्तियों को भोजन के पैकेट वितरित किया गये।

जिला प्रशासन देहरादून को आॅनलाईन ‘‘दून हैप्पी मील्स’’ के द्वारा सहयोग प्रदान करते हुए श्रीमती शिखा रावत अजबपुरकलां द्वारा 4 अन्नपूर्णा किट, उपलब्ध कराये गये। आज जिला प्रशासन को विभिन्न संस्थाओं द्वारा चिकित्सा में उपयोग की जाने वाली सामग्री उपलब्ध कराई गयी जिनमें धाद संस्था देहरादून द्वारा 5000 मास्क, मुस्लिम सेवा संगठन द्वारा 99 पी.पी.ई. किट तथा ए.वी.के एजुकेशन प्रा0 लि0 द्वारा 40 फेस सील्ड उपलब्ध कराये गये।

जिला प्रशासन की टीम द्वारा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं एवं व्यक्तियों के सहयोग से जनपद के विभिन्न स्थानों पर 3066 अन्नपूर्णा राशन किट वितरित की गयी, थाना नेहरू कालोनी में 600,  तहसील सदर मंें 226, थाना राजपुर में 300, थाना डालनवाला में 250, थाना प्रेमनगर में 150, तहसील मसूरी में 100, तहसील कालसी में 50 थाना रायपुर में 200, कोतवाली देहरादून में 350, थाना क्लेमेन्टाउन में 200, थाना कैन्ट में 300, थान बसंत विहार में 250, तहसील विकासनरग में  90 अन्नपूर्णा किट वितरित किये गये। लाॅक डाउन अवधि के दौरान विभिन्न सामाजिक  संगठनों एवं संस्थाओं द्वारा भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा आज भोजन बनाने वाली संस्था राधा स्वामी सत्संग व्यास हरिद्वार बाईपास रोड, श्री सत्य सांई मंदिर ट्रस्ट सुभाषनगर, ई-नेट सोल्यूशन ट्रांस्पोर्टनगर, राजकुमार जिंदल नेहरू कालोनी देहरादून के किचन का निरीक्षण जिला प्रशासन की टीम द्वारा किया गया।
  जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा स्वयं सेवी संस्थाओं के सहयोग से जनपद अन्तर्गत विकासखण्ड चकराता, विकासनगर, सहसपुर, रायपुर व डोईवाला में कुल 1648 निराश्रित पशुओं जिसमें 1070 श्वान, 546 गौवंश एवं 32 अन्य पशुओं को चारा व पशु आहार उपलब्ध कराया गया। कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण के दृष्टिगत जिला आपदा परिचालन केन्द्र देहरादून में जन सहायता हेतु स्थापित कन्ट्रोलरूम में कुल 28 काॅल प्राप्त हुई हैं, जिसमें, ई-पास हेतु 5, भोजन हेतु 1,  राशन हेतु 18 एवं मेडिकल सहायता हेतु 1 व अन्य हेतु 3 काॅल प्राप्त हुई।   जनपद के देहरादून सदर, में 10 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के माध्यम से प्रति पैकेट रू0 50 की दर से 500 पैकेट विक्रय किया गया। इसी क्रम में जनपद के  विभिन्न चयनित स्थानों पर प्रशासन द्वारा अधिकृत 15 मोबाईल वैन के माध्यम से सस्ते दरों पर 62.45 क्विंटल सब्जियों का विक्रय किया गया। दुग्ध विकास विभाग द्वारा भगत सिहं कालोनी, कारगी ग्रान्ट एवं लक्खीबाग में कुल 880 ली0 दूध तथा जिला पूर्ति विभाग द्वारा भगत सिहं कोलोनी में 47, लक्खीबाग में 40, एवं कारगीग्रान्ट में 17 गैस सिलेण्डर वितरित किये गये। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अन्तर्गत भगत सिंह कालोनी में 525 तथा लक्खीबाग क्षेत्र में 347 एवं करगीग्रान्ट में 102 उपभोक्ताओं को खाद्यान  उपलब्ध कराया गया। इसी प्रकार भगत सिंह कोलोनी में 03 मोबाईल वैन के माध्यम से फल-सब्जी का वितरण किया गया। प्रेमनगर में अनियमितता पाये जाने पर 5 व्यापारियों/दुकानों के चालान किये गये।
प्रधानमंत्री जनधन खाताधारकों द्वारा जनपद में विभिन्न बैंकों से 2815 लाभार्थियों द्वारा अपने जनधन खाते से धनराशि की निकासी की गयी।  आज लक्खीबाग क्षेत्र में मोबाईल एटीएम वैन उपलब्ध रही  तथा कल 18 अपै्रल 2020 को केशवबस्ती, झबरावाला डोईवाला में मोबाईल एटीएम वैन जनसुविधा हेतु उपलब्ध रहेगी। कोरोना वायरस संक्रमण कोविड-19 की रोकथाम एवं अन्य व्यवस्थाओं के सम्पादन हेतु नियुक्त विभिन्न संस्थानों के  आज कुल 170 कार्मिकों को उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ ए.के डिमरी द्वारा नगर निगम पेक्षागृह में प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिसमें जोमेटो, स्वीगी, डोमिनोज तथा पंजाब रेस्टोरेंट के कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।  

लाॅक डाउन अवधि में सिविल सोसायटी व शासकीय विभागों द्वारा किये गये उत्कृष्ट कार्यों  के दृष्टिगत आज के कोरोना वाॅरियर:-
कोरोना वाॅरियर (सिविल सोसायटी से)
श्री विवेक अग्रवाल
एल्थम बैकरी, देहरादून।
जिला प्रशासन को प्रतिदिन भोजन पैकेट एवं बेकरी सामग्री उपलब्ध करवाकर सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

आज के कोरोना वाॅरियर (शासकीय विभाग से)  
डाॅ अश्वनी कौशिक,
चिकित्साधिकारी/प्रभारी क्वारेंन्टाइन सेन्टर सुद्धोवाला, देहरादून
लाॅक डाउन अवधि में दिये गये दायित्वों का निर्वहन पूर्ण जिम्मेदारी के साथ कर रहे हैं।

कोरोना वाॅरियर
श्रीमती कोमल बी सिंह,
संयुक्त सचिव, वासुदेव कुटुम्ब, देहरादून।
माननीय मुख्यमंत्री राहत कोष में रू0 1.00 लाख की सहायता राशि प्रदान की गयी ।

देहरादून – शिक्षकों, आशा कार्यकर्तियों  एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों द्वारा अब तक कुल 385226 व्यक्तियों की  सामुदायिक निगरानी

देहरादून दिनांक 17 अप्रैल 2020 (जि.सू.का), जिलाधिकारी डाॅ आशीष कुमार श्रीवास्तव द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुपालन में कोरोना वायरस संक्रमण के संदिग्ध व्यक्तियों हेतु दैनिक सर्विलांस के आधार पर शिक्षकों, आशा कार्यकर्तियों  एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों द्वारा अब तक कुल 385226 व्यक्तियों की  सामुदायिक निगरानी ( Community Surveillance     ) का कार्य किया गया एवं उक्त चिन्हित व्यक्तियों का ही सामुदायिक निगरानी का कार्य किया  जा रहा है। इसी क्रम में आज 37 टीमों द्वारा दूरभाष के माध्यम से 195 व्यक्तियों से सम्पर्क कर किया गया।
आज सामुदायिक निगरानी टीम द्वारा सम्पर्क किये जाने पर जनपद में कुल 18 व्यक्तियों को खांसी,जुकाम आदि के लक्षण पाये जाने पर मेडिकल टीम को सन्दर्भित कर दिया गया है। आज कोरोना वायरस संक्रमण के दृष्टिगत संदिग्ध 42 व्यक्तियों के सैंपल जांच हेतु भेजे गये हैं तथा 55 सैम्पल प्राप्त हुए जिनमें 2 की रिपोर्ट पाजिटिव तथा अन्य 53 की की रिपोर्ट नेगिटिव है। आज दो व्यक्तियों की रिपोर्ट पाजिटिव आने  के फलस्वरूप जनपद में कुल  कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की संख्या 20 हो गयी है जिसमें 08 व्यक्ति ठीक हो गये हैं तथा वर्तमान में शेष 12 व्यक्ति उपचाररत् हैं। कोरोना वायरस संक्रमण के दृष्टिगत दिहाड़ी/मजदूरी करने आये 11 श्रमिकों जिन्हे शेरपुर में पंचायत भवन में  बनाये गये राहत शिविर में ठहराया गया है, की साईकेट्रिक सपोर्ट टीम द्वारा कांउसिलिंग की गयी। आज कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम हेतु नियुक्त विभिन्न कार्मिकों को संक्रमण से सुरक्षा के दृष्टिगत 251 एन-95 मास्क, 8920 ट्रिपल लेयर मास्क, 94 पी.पी.ई किट, 105 वीटीएम वाईल और 792 सेनिटाइजर उपलब्ध कराये गये। कोरोना वायरस संक्रमण कोविड-19 की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु समस्त मेडिकल स्टोर पर बिना चिकित्सक के परामर्श की पर्ची के सर्दी, खांसी व जुकाम की दवाईयों का विक्रय प्रतिबन्धित किये जाने के उपरान्त समस्त मेडिकल स्टोर स्वामियों द्वारा जनपद में कुल 166 व्यक्तियों को चिकित्सकीय पर्ची के आधार पर सर्दी, खांसी व जुकाम की दवाईयां विक्रय की गयी।

गणेश जोशी ने सहस्त्रधारा में डाबर इण्डिया लिमिटेड के सौजन्य से 2500 से अधिक रियल जूस, कोकोनेट वाॅटर एवं बिस्कुट का वितरण किया

देहरादून 17 अप्रैल: शुक्रवार को मसूरी विधायक गणेश जोशी ने सहस्त्रधारा में डाबर इण्डिया लिमिटेड के सौजन्य से 2500 से अधिक रियल जूस, कोकोनेट वाॅटर एवं बिस्कुट का वितरण किया। विधायक जोशी ने डाबर इण्डिया प्रबंधन का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में सभी समृद्धजनों का सहयोग अपेक्षित है और यदि हम किसी एक जरुरतमंद को सहायता कर सकें तो हमें आगे आकर कार्य काम करना चाहिए।

       विधायक जोशी ने बताया कि मोदी किचन के माध्यम से शुक्रवार को मसूरी विधानसभा क्षेत्रान्र्तगत पाॅच स्थानों पर 6200 भोजन के पैकेट वितरित किये गये। उन्होंने बताया कि मसूरी विधानसभा क्षेत्र की पाॅचों किचन अगले 03 मई तक जारी रहेंगी और जरुरतमंद लोगों को भोजन उपलब्ध होता रहेगा। वहीं, सहस्त्रधारा में आज लगभग 250 लोगों को भोजन करवाया गया।

        इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह, सुशील पुरोहित, अरविन्द तोपवाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य धीरज थापा, रमेश चमोली, आनन्द पयाल, वीर सिंह जवाड़ी, नारायण सिंह राणा आदि उपस्थित रहे।

श्री अनसूया मंदिर ट्रस्ट समिति ने गुरूवार को मुख्यमंत्री राहत कोष में एक लाख रुपये का दान

चमोली 17 अप्रैल,2020 (सू0वि0) कोरोना संकट दृष्टिगत श्री अनसूया मंदिर ट्रस्ट समिति ने गुरूवार को मुख्यमंत्री राहत कोष में एक लाख रुपये का दान किया है। अनसूया मंदिर ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष बीएस झिक्वांण एवं अनसूया देवर यात्रा समिति के महाप्रबन्धक भगत सिंह बिष्ट ने एक लाख धनराशि का चैक अपर जिलाधिकारी एमएस बर्निया को सौंपा। ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष ने बताया कि विश्व्यापी कोरोना महामारी से निपटने के लिए देवरा यात्रा खाते से एक लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष में भेंट किया गया।

 जिलाधिकारी चमोली नेजिला स्तर पर बनाए गए कोविड कन्ट्रोल रूम का निरीक्षण

चमोली 17 अप्रैल,2020 (सू0वि0)
जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कोरोना वायरस की रोकथाम से संबधित कार्यो के लिए जिला स्तर पर बनाए गए कोविड कन्ट्रोल रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने कन्ट्रोल रूम कर्मियों को होम क्वारेन्टीन में रखे गए लोगों की पूरी जानकारी लेकर साॅपटवेयर में अपडेट रखने के निर्देश दिए। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए एहतियात के तौर पर जिले में कुछ लोगों को होम क्वारेन्टीन किया गया है। इन लोगों के स्वास्थ्य संबधी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए आशा वर्कर को जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा मोबाइल मेडिकल टीम घर-घर जाकर होम क्वारेन्टीन लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है। 
जिलाधिकारी ने गुरूवार को कन्ट्रोल रूम में तैनात कार्मिकों को निर्देश दिए कि वे गांव में आशा वर्कर से प्रतिदिन मिलने वाली जानकारी को साफ्टवेयर में भी अपडेट करना सुनिश्चित करें। कहा कि आशा से संपर्क न होने पर संबधित ग्राम प्रधान से जानकारी ली जाए। उन्होंने गांवों में खाद्यान्न के संबध में भी ग्राम प्रधान से जानकारी लेने के निर्देश दिए। कहा कि जिन गांवों में प्रधान से संपर्क नही हो पा रहा है उनकी सूची जिला पूर्ति अधिकारी को उपलब्ध करें, ताकि पूर्ति निरीक्षकों के माध्यम से इन गांवों में खाद्यान्न की जानकारी प्राप्त की जा सके। इस दौरान जिलाधिकारी ने कम्प्यूटर साफ्टवेयर में फीड किए जा रहे डेटा का भी बारीकी से निरीक्षण करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। 
देश विदेश में काम करने गए चमोली जनपद के बहुत से लोग कोरोना संकट के कारण अपने घर गांव लौटे है। जिलाधिकारी ने ऐसे लोगों से भी संपर्क कर उनकी भावी योजना के बारे में जानकारी लेने को कहा। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने घर गांव में ही रहकर ही काम करने के इच्छुक है, उनका डेटा तैयार करें। जिससे भावी समय में उनकों स्थानीय स्तर पर ही रोजगार से जोड़ने की योजना बनाई जा सके। इस दौरान अपर जिलाधिकारी एमएस बर्निया, जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी एनके जोशी एवं कन्ट्रोल रूम में तैनात कार्मिक मौजूद थे। 

जिलाधिकारी चमोली नेजिला स्तर पर बनाए गए कोविड कन्ट्रोल रूम का निरीक्षण

चमोली 17 अप्रैल,2020 (सू0वि0)
जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कोरोना वायरस की रोकथाम से संबधित कार्यो के लिए जिला स्तर पर बनाए गए कोविड कन्ट्रोल रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने कन्ट्रोल रूम कर्मियों को होम क्वारेन्टीन में रखे गए लोगों की पूरी जानकारी लेकर साॅपटवेयर में अपडेट रखने के निर्देश दिए। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए एहतियात के तौर पर जिले में कुछ लोगों को होम क्वारेन्टीन किया गया है। इन लोगों के स्वास्थ्य संबधी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए आशा वर्कर को जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा मोबाइल मेडिकल टीम घर-घर जाकर होम क्वारेन्टीन लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है। 
जिलाधिकारी ने गुरूवार को कन्ट्रोल रूम में तैनात कार्मिकों को निर्देश दिए कि वे गांव में आशा वर्कर से प्रतिदिन मिलने वाली जानकारी को साफ्टवेयर में भी अपडेट करना सुनिश्चित करें। कहा कि आशा से संपर्क न होने पर संबधित ग्राम प्रधान से जानकारी ली जाए। उन्होंने गांवों में खाद्यान्न के संबध में भी ग्राम प्रधान से जानकारी लेने के निर्देश दिए। कहा कि जिन गांवों में प्रधान से संपर्क नही हो पा रहा है उनकी सूची जिला पूर्ति अधिकारी को उपलब्ध करें, ताकि पूर्ति निरीक्षकों के माध्यम से इन गांवों में खाद्यान्न की जानकारी प्राप्त की जा सके। इस दौरान जिलाधिकारी ने कम्प्यूटर साफ्टवेयर में फीड किए जा रहे डेटा का भी बारीकी से निरीक्षण करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। 
देश विदेश में काम करने गए चमोली जनपद के बहुत से लोग कोरोना संकट के कारण अपने घर गांव लौटे है। जिलाधिकारी ने ऐसे लोगों से भी संपर्क कर उनकी भावी योजना के बारे में जानकारी लेने को कहा। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने घर गांव में ही रहकर ही काम करने के इच्छुक है, उनका डेटा तैयार करें। जिससे भावी समय में उनकों स्थानीय स्तर पर ही रोजगार से जोड़ने की योजना बनाई जा सके। इस दौरान अपर जिलाधिकारी एमएस बर्निया, जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी एनके जोशी एवं कन्ट्रोल रूम में तैनात कार्मिक मौजूद थे। 

जनपद चमोली – होम क्वारेन्टाइन में अब 1731 लोग चल रहे है। अभी तक 3798 लोगों में से 2067 लोग होम क्वारेन्टाइन अवधि पूरा कर चुके है।

चमोली 17 अप्रैल,2020 (सू0वि0 कोरोना वायरस (कोबिड-19) संक्रमण के चलते एहतियात के तौर पर विगत 16 अप्रैल को 31  लोगों को होम क्वारेन्टाइन में भेजा गया। होम क्वारेन्टाइन में अब 1731 लोग चल रहे है। अभी तक 3798 लोगों में से 2067 लोग होम क्वारेन्टाइन अवधि पूरा कर चुके है। होम क्वारेन्टीन लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए गठित 23 मोबाइल चिकित्सा टीमों ने 15 अप्रैल को 44 गांवों में घर-घर जाकर 319 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। 
गुरूवार को बाहर से आए 18 लोगों को फेसलिटी क्वारेन्टाइन भेजा गया। अब तक 169 लोगों को फेसलिटी क्वारेन्टाइन किया गया। अभी भी 108 लोग फेसलिटी क्वारेन्टाइन में चल रहे है। कोरोना मरीजों के इलाज हेतु जिला अस्पताल गोपेश्वर में बनाए गए आइसोलेशन बैड में एहतियात के तौर पर तीन मरीजों को भर्ती किया गया है। कोराना संक्रमण के दृष्टिगत गुरूवार को तीन लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए। अभी तक कुल 16 मरीजों के ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे गए। जिसमें से 13 सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है। जिले में कोरोना संक्रमण पर निगरानी रखने के लिए जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने 18 ब्लाक एवं सिटी रिसपोंस टीमें भी गठित की है। इन टीमों ने कोरोना संदिग्धों की जानकारी जुटाने के लिए अब तक 5434 लोगों से संपर्क किया है। 
कोरोना संकट की इस घटी में कोई भूखा ना रहे इसके लिए भी जिला प्रशासन सजग है। जिला प्रशासन द्वारा गरीब, मजदूर एवं जरूरतमंद लोगों में 16 अप्रैल तक निःशुल्क 3885 ड्राई राशन किट तथा 2031 लोगों को पका हुआ भोजन खिलाया गया। पाॅलिटेक्निक गौचर में बनाए गए रिलीफ सेंटर में 28 मजदूरों रह रहे है। इन मजदूरों को भी नियमित खाने, रहने, मनोरंजन आदि की समुचित व्यवस्था भी जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है।
जिले में लाॅकडाउन का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। लाॅकडाउन का उल्लंघन करने पर डीएम एक्ट के तहत 19 एफआईआर, 151-सीआरपीसी के तहत 42, डीएम एक्ट के तहत 23, पुलिस एक्ट के तहत 60 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए जा चुके है। इसके आलावा 184 चालान और 52 वाहनों को सीज किया गया है।
जिले में खाद्यन्न आपूर्ति सुचारू बनी हुई है। स्टाॅक में गेहूं 1739.48 कुन्तल, चावल 2534.10 कुन्तल, मसूर दाल 82.74 कुन्तल, चना दाल 112.09 कुन्तल, चीनी 106.57 कुन्तल, पीएम गरीब कल्याण खाद्यान्न 3453.15 कुन्तल तथा घरेलू गैस के 3061 सिलेण्डर शेष है। 

चमोली जिला प्रशासन ने मजदूरो को नियमित योग, व्यायाम के साथ पुस्तकें पढकर सुखी जीवन जीने के गुरू सिखाये

चमोली 17 अप्रैल,2020 (सू0वि0) गौचर रिलीफ सेंटर में रह रहे मजदूर नियमित योग, व्यायाम के साथ पुस्तकें पढकर सुखी जीवन जीने के गुरू सीख रहे है। चमोली जिला प्रशासन ने इन मजदूरों के लिए न केवल भोजन, मनोरंजन और ठहरने की व्यवस्था की है बल्कि इसके साथ इन मजदूरों को शारीरिक और मानसिक तौर पर भी फिट रखने की खास पहल की है। 

दरअसल कोरोना संकट में लाॅकडाउन के चलते जिले से पलायन को आतुर इन मजदूरों को जिला प्रशासन ने रिलीफ सेंटर में रूकने की व्यवस्था की। लाॅकडाउन में काम बंद होेने से इन मजदूरों को दो वक्त की रोटी की चिन्ता सताने लगी थी। ऐसे में इन मजदूरों ने यहाॅ से पलायन का मन बनाया था। चमोली जिला प्रशासन को इसकी भनक लगी तो जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने इन मजदूरों के लिए रिलीफ सेंटर में ठहरने की व्यवस्था की गई। रिलीफ सेंटर भेजे जाने पर पहले तो ये सभी मजदूर परेशान हो रहे थे। उनको चिन्ता थी की जब काम ही नही तो भोजन कहाॅ से मिलेगा। परन्तु जिलाधिकारी की पहल पर राजकीय पाॅलीटेक्निक गौचर में इन मजदूरों को नाश्ते से लेकर दोनो टाईम के भोजन के अलावा टूथपेस्ट, साबुन, तौलिया जैसे जरूरी सामान भी दिया गया। 

रिलीफ सेंटर के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मजदूरों के मनोरंजन के लिए टीवी भी लगवाया और ज्ञानबर्धक पुस्तकें दिलाई। कर्णप्रयाग में तैनात तहसीलदार सोहन सिंह रांगड तो कुछ दिन पहले अपने बेटे का जन्म दिन इन मजदूरों के साथ मना चुके है। अपने बेटे के जन्म पर उन्होंने मजदूरों के लिए खास पकवान खिलाए और फल भी बांटे। 

रिलीफ सेंटर में मजदूर शारीरिक और मानसिक तौर पर फिट रहे इसके लिए भी जिला प्रशासन ने खास पहल की है। प्रशासन इन मजदूरों को नियमित योग और व्यायाम सिखाने के अलावा इनकी काउसिलिंग भी करवा रहा है। अब ये सभी 34 मजदूर एक परिवार की तरह रिलीफ सेंटर में रहने लगे है और जिला प्रशासन से मिल रही हर मदद से बेहद खुश है। नियमित व्यायाम, योग और ज्ञानबर्धक पुस्तकें पढकर इन मजदूरों के चेहरों पर तेज साफ दिख रहा है। 

क्या कहते है रिलीफ सेंटर में रह रहे मजदूर लोग – रिलीफ सेंटर में रह रहे मुरादाबाद के रंजीत पाल, सहारनपुर के अभिनय, नेपाल के प्रेम बहादुर और बरेली के शिव कुमार बताते है कि आज तक हमने सिर्फ काम के बारे में ही सोचा, लेकिन यहाॅ रहकर पहली दफा अपने जीवन के बारे में भी सोचने का मौका मिला। बताया कि हम सब एक परिवार की तरह यहाॅ पर रह रहे है और जिला प्रशासन की मदद से बेहद खुश है।    

उत्तरकाशी में वाले ग्रुप एडमिन पर अफवाह फैलाने पर मुक़दमा दर्ज

उत्तरकाशी में पुलिस ने वॉट्सऐप ग्रुप में मज़दूरों को जमाती लिखने वाले ग्रुप एडमिन पर अफवाह फैलाने पर मुक़दमा दर्ज किया गया है. इसके अलावा मजदूरों को राशन उपलब्ध न करवाने पर 3 ठेकेदारों के ख़िलाफ़ भी मामला दर्ज किया गया है. उत्तरक़ाशी के अस्सी गंगा क्षेत्र में रोड निर्माण में लगे सहारनपुर के 11 मज़दूर राशन न मिलने के चलते परेशान हो गए थे और गुरुवार देर शाम जंगल के रास्ते बड़कोट के स्यालना गांव पहुंच गए थे. सूचना मिलते ही पुलिस उनकी खोज में लग गई थी ग्रामीण क्षेत्र में अजनबियों को देख ग्रामीण दहशत में आ गए. ग्रामीण क्षेत्रों में लोग लगातार बाहरी लोगों पर नज़र रखे हुए हैं और ऐसे में बाहर से आए इन मज़दूरों को लेकर अफ़वाहों का बाज़ार गर्म हो गया और एक वाट्सऐप ग्रुप में एडमिन ने इन्हें जमाती करार दे दिया. उधर ग्रामीणों ने संदिग्धों को घेरकर पुलिस प्रशासन को इसकी सूचना दे दी. इसके बाद पुलिस ने मज़दूरों को जमाती लिखने वाले वॉट्सऐप ग्रुप ‘डोडीताल विकास सन्देश’ के एडमिन दांगुण गांव निवासी मनवीर रावत पर अफ़वाह फैलाने पर धारा 188, 151 और DM एक्ट 51 के तहत मुकदमा दर्ज  कर लिया. इसके अलावा 3 ठेकेदारों पर भी मज़दूरों को भूखा रखने और उनको लॉकडाउन में मदद न करने पर धारा 188 और DM एक्ट 51 में केस दर्ज किया गया है.

ईसाई समुदाय के नौ परिवारों ने देहरादून पुलिस को दिये मेडिकल सामग्री

देहरादून 17 अप्रैल, 2020। पूरा देश कोरोना वायरस से लड़ रहा है, जिसमें ईसाई समुदाय के करीब नौ परिवारों ने देहरादून पुलिस विभाग के लिये मदद के हाथ बदाऐं हंै। समुदाय के परिवारों ने राहुल दयाल के नेतृत्व में शुक्रवार को कोरोना संक्रामण जैसी जानलेवा बिमारी से लड़ने के लिये देहरादून पुलिस विभाग को करीब पन्द्रह सौ मास्क, पन्द्रह सौ ग्लब्स, पच्चीस लीटर सेनिटाइजर, पन्द्रह सौ साबुन एसपी सिटी श्रीमती स्वेता चैबे को देहरादून के घन्टाघर में दिये गये। मेडिकल सामग्री वितरण के दौरान सोशल डिस्टेन्सिंग का भी पालन किया गया और राहुल दयाल की अगुवाई में सिर्फ तीन लोग ही मौजूद रहे।

इस अवसर पर राहुल दयाल ने बताया कि उनके स्वयं के द्वारा व श्री जी आई जी मैन (विधायक) के साथ ही कुछ ईसाई परिवारों की मदद से उत्तराखण्ड के तमाम जरुरतमंद परिवारों को सेनिटाइजर, हेंड वॉश, मास्क, आटा, दाल, चावल, नमक, सरसों का तेल, चाय पत्ती, मिर्च, धनिया, चीनी जैसी दैनिक उपयोग मैं आने वाली उपयोगी वस्तुओं का भी वितरण लॉक डाउन के पहले दिन से जारी है और जारी रहेगा।

मदद करने वाले परिवारों मंे राहुल दयाल व परिवार, एंजेल परवेज व परिवार, कर्नल सुनील सरकार व परिवार, सौभा ग्रिम व परिवार, उर्मिल्ला शेरिंग, शेरोना डेय व परिवार, रक्षक खन्ना व परिवार, कौल व परिवार एवं आशीष शामिल है।

कैलाश मानसरोवर (Kailash Mansarovar) यात्रा इस साल नहीं हो पाएगी.

दुनिया की सबसे मुश्किल धार्मिक यात्राओं में से एक कैलाश मानसरोवर (Kailash Mansarovar) यात्रा इस साल नहीं हो पाएगी. कोरोना वायरस (COVID-19) के संक्रमण की वजह से इस यात्रा पर ग्रहण लग गया है. मानसरोवर यात्रा के आयोजन को लेकर जो आशंका जताई जा रही थी, वह अब सच साबित हो गई हैं. केएमवीएन के अध्यक्ष केदार जोशी ने बताया कि जिन गिने-चुने श्रद्धालुओं ने यात्रा के लिए आवेदन किया था, उन सभी ने अपने आवेदन वापस ले लिए हैं. बता दें कि कैलाश-मानसरोवर तिब्बत में पड़ता है, जो चीन के कब्जे में है.
बता दें कि जून के पहले हफ्ते से हर साल मानसरोवर यात्रा 3 माह के लिए आयोजित होती है. यात्रा न होने से कुमाऊं मंडल विकास निगम को 5 करोड़ रुपए से अधिक का नुक़सान होने की आशंका है. केएमवीएन को हर यात्री से 35 हजार से अधिक की कमाई होती थी.

बीते सालों तक 18 यात्री दल लिपुलेख दर्रे से चीन में प्रवेश करते थे. अमूमन एक यात्री दल में 55 के करीब तीर्थयात्री शामिल होते थे. ऐसा पहली बार होगा कि 1981 से शुरू यात्रा में एक भी तीर्थयात्री पवित्र कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील के दर्शन नहीं कर पाएगा.
हालांकि इससे पहले मालपा हादसे और बीजिंग ओलंपिक के दौरान कुछ दलों की यात्रा रद्द करनी पड़ी थी. चीन और भारत दोनों ही देशों में कोरोना का संक्रमण है. अभी तक विदेश मंत्रालय के स्तर पर भी इस यात्रा को लेकर कोई तैयारी नहीं हुई है

यात्रा न होने की स्थिति में अब केएमवीएन आदि कैलाश यानी छोटा कैलाश की यात्रा को व्यापक रूप से आयोजित करने का प्लान बना रहा है. केएमवीएन के अध्यक्ष केदार जोशी ने बताया कि आदि कैलाश भारतीय सीमा में है. ऐसे में इस यात्रा के लिए दूसरे देश में निर्भरता नहीं रहती है. कोरोना संक्रमण थमने के बाद निगम आदि कैलाश की यात्रा में ज्यादा से ज्यादा तीर्थ यात्रियों को शामिल करने की कोशिश करेगा ताकि निगम के नुकसान की भी भरपाई हो सके.

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