13 अगस्त 2026 गुरुवार,मघा नक्षत्र का संबंध बरगद से & श्री हरि विष्णु एवं देवगुरु बृहस्पति और महादेव) तीनों की पूजा के लिए अत्यंत शुभ & खगोलीय और ज्योतिषीय स्थिति ज्योतिष में “ग्रह युद्ध” बदलेंगे कई ग्रहों के संके

BY CHANDRA SHEKHAR JOSHI CHIEF EDITOR & PRESIDENT BAGLA MUKHI PEETH DEHRADUN CALL US 9412932030

श्रावण का शुक्ल पक्ष आरंभ & श्रावण मास का प्रत्येक दिन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। गुरुवार का विशेष संयोग होने से आज का दिन (भगवान श्री हरि विष्णु एवं देवगुरु बृहस्पति और महादेव) तीनों की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। भगवान विष्णु का स्मरण करें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें।।  सावन में भगवान भोलेनाथ की कृपा से आपका जीवन सुख, समृद्धि और अच्छी सेहत से परिपूर्ण हो! कल्याण हो!  भगवान विष्णु की आराधना सबसे उत्तम  & केले के वृक्ष की पूजा करें या किसी जरूरतमंद को चने की दाल/हल्दी का दान करें।

15 अगस्त 2026 कर्क राशि में बुध और उच्च के गुरु (बृहस्पति) के बीच होने वाला ग्रह युद्ध सभी 12 राशियों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव और मानसिक उथल-पुथल लेकर आएगा।  खगोलीय और ज्योतिषीय स्थिति को ज्योतिष में “ग्रह युद्ध” वैदिक ज्योतिष के सिद्धांतों के अनुसार, जब मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र और शनि में से कोई दो ग्रह एक ही राशि में बिल्कुल एक-दूसरे के करीब (आमतौर पर 1 डिग्री या उससे कम के अंतर पर या समान अंशों पर) आ जाते हैं, तो उनके बीच ‘ग्रह युद्ध’ की स्थिति बनती है। ज्योतिषीय गणना में माना जाता है कि ग्रह युद्ध में वही ग्रह विजेता होता है जो अक्षांश या दीप्ति में अधिक बलवान हो। चूंकि कर्क राशि में गुरु उच्च के हैं, इसलिए इस स्थिति में गुरु का पलड़ा भारी रहता है।

13 अगस्त 2026 (गुरुवार) के पंचांग के अनुसार श्रावण मास के शुक्ल/कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि रात 08:41 बजे तक रहेगी, तदनुसार वरीयान योग दोपहर 12:15 बजे तक और मघा नक्षत्र रहेगा। मुख्य शुभ मुहूर्त अभिजीत दोपहर 12:18 से दोपहर 01:09 बजे तक तथा राहुकाल दोपहर 02:19 से 03:55 बजे तक है। चंद्रमा 13 अगस्त की सुबह कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में गोचर कर जाएंगे। चंद्रमा का यह गोचर सुबह 6 बजकर 7 मिनट पर होगा। सिंह राशि में केतु ग्रह पहले से ही विराजमान हैं इसलिए चंद्र-केतु की युति सिंह में होगी। ये दोनों ग्रह शत्रुता का संबंध आपस में रखते हैं इसलिए चंद्र-केतु की युति से कुछ लोगों को जीवन में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है।  भगवान शिव के मंत्रों का जप करना चाहिए।   शिवलिंग पर जल अर्पित करें।  शिव चालीसा का पाठ करना चाहिए। 

ब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurat): सुबह 04:49 से 05:34 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त (Abhijit Muhurat): दोपहर 12:18 से 01:09 बजे तक राहुकाल (Rahu Kaal): दोपहर 02:19 से 03:55 बजे तक

श्रावण शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि और गुरुवार का दिन है। प्रतिपदा तिथि 13 अगस्त को रात 8 बजकर 42 मिनट तक रहेगी। वहीं, कल दोपहर 12 बजकर 17 मिनट तक वरीयान योग रहेगा। इसके साथ ही कल पूरा दिन पूरी रात पार करके भोर 4 बजकर 39 मिनट तक मघा नक्षत्र रहेगा।

  • श्रावण कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि- 13 अगस्त को रात 8 बजकर 42 मिनट तक
  • वरीयान योग- 13 अगस्त को दोपहर 12 बजकर 17 मिनट तक
  • मघा नक्षत्र- 13 अगस्त को पूरा दिन पूरी रात पार करके भोर 4 बजकर 39 मिनट तक
  • ब्रह्म मुहूर्त- 04:49 ए एम से 05:34 ए एम
  • प्रातः सन्ध्या- 05:12 ए एम से 06:19 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त- 12:18 ए एम से से 01:09 पी एम
  • विजय मुहूर्त- 02:51 पी एम से 03:43 पी एम
  • गोधूलि मुहूर्त- 07:08 पी एम से 07:30 पी एम
  • सायाह्न सन्ध्या- 07:08 पी एम से 08:15 पी एम
  • सूर्योदय- सुबह 06:19 बजे 
  • सूर्यास्त- शाम 07:08 बजे

 वरियान योग और मघा नक्षत्र रहेगा। मंगलदायक कार्य वरियान योग में करना शुभ बताया है। हालांकि, इस योग में किसी भी प्रकार का पितृ कर्म नहीं किया जाता है। वहीं, मघा नक्षत्र आकाशमंडल में स्थित 27 नक्षत्रों में दसवें स्थान पर आता है, जिसका अर्थ बलवान या महान होता है। इस नक्षत्र में तालाब बनवाना, कुआं खुदवाना, चिकित्सा कार्य, विद्या अध्ययन, लेखन और शिल्प से जुड़े काम शुभ माने जाते हैं। इस नक्षत्र के स्वामी केतु हैं और अधिपति देवता पितरों को माना गया है। इसके प्रभाव में जन्मे लोग अच्छे, सहनशील, बुद्धिमान, स्पष्टवादी और धार्मिक कार्यों में रुचि रखने वाले होते हैं। मघा नक्षत्र का संबंध बरगद के पेड़ से भी बताया गया है। 

13 अगस्त गुरुवार को श्रावण शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। इस दिन सूर्योदय के समय ग्रहों की स्थिति ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखती है। सूर्य कर्क राशि में, चंद्रमा सिंह राशि में, मंगल मिथुन राशि में, बुध कर्क राशि में तथा गुरु कर्क राशि में तथा गुरु कर्क राशि में स्थित हैं। वहीं शुक्र कन्या, शनि मीन, राहु कुंभ और केतु सिंह राशि में विराजमान हैं।

13 अगस्त 2026 को पवित्र सावन (श्रावण) महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है और दिन गुरुवार (Thursday) है। सावन मास में गुरुवार का दिन धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना जाता है। सावन का महीना भगवान शिव को और गुरुवार का दिन जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु एवं देवगुरु बृहस्पति को समर्पित होता है। इस दिन महादेव और श्री हरि विष्णु की संयुक्त पूजा करने से ज्ञान, सुख-समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होती है। गुरुवार के दिन शिवलिंग पर पीले फूल, चने की दाल और जल अर्पित करने तथा भगवान विष्णु को केले व चने की दाल का भोग लगाने से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है और जीवन के समस्त कष्ट दूर होते हैं।

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