15 सितंबर 2026 मंगलवार का पंचांग भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी (सुबह 07:44 तक, फिर पंचमी) तिथि है। इस दिन ऋषि पंचमी और विनायक गणेश चतुर्थी & अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:51 से दोपहर 12:41 बजे तक राहुकाल: दोपहर 03:21 से शाम 04:54 बजे तक & मंगलवार को सुबह 7 बजकर 45 मिनट तक रहेगी, उसके बाद पंचमी तिथि लग जाएगी। 15 सितंबर को ऋषि पंचमी का पर्व है। मंगलवार को विनायक गणेश चतुर्थी का व्रत & सूर्योदय- सुबह 06:05 बजे सूर्यास्त- शाम 06:26 बजे

By Chandra Shekhar Joshi Chief Editor & President Sadhak: Bagla Mukhi Peeth Dehradun
देहरादून के धार्मिक और आध्यात्मिक भूगोल में लक्ष्मण सिद्ध और सप्त ऋषि (सप्तऋषि) दोनों का अपना-अपना पौराणिक व ऐतिहासिक महत्व है। विभिन्न पुराणों और युगों के अनुसार कश्यप, अत्रि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि, भरद्वाज आदि ऋषियों को सप्तऋषि की श्रेणी में रखा एक अन्य मान्यता के अनुसार यह स्थान ऋषि दत्तात्रेय के 84 सिद्ध शिष्यों में से एक ‘संत स्वामी लक्ष्मण सिद्ध’ की समाधि स्थली भी है, जिन्होंने यहां ध्यान साधना कर समाधि ली थी। यहां प्राचीन काल से अखंड धूनी जल रही है, जिसमें कभी भी मुंह से फूंक नहीं मारी जाती। मंदिर में प्रसाद के रूप में मुख्य रूप से गुड़, घी, और चने का भोग लगाने की पुरानी परंपरा है। यहां हर साल अप्रैल के अंतिम रविवार को एक भव्य मेला लगता है
भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ऋषि पंचमी मनाई जाती है। लिहाजा आज ऋषि पंचमी है। उड़ीसा में इस दिन को गुरु पंचमी के रूप में मनाया जाता है। आज दोपहर के समय सप्तऋषियों- मरीचि, वशिष्ठ, अंगिरा, अत्रि, पुलत्स्य, पुलह और क्रतु: की पूजा करने का विधान है। शास्त्रों में ऋषि पंचमी की इस पूजा का बहुत ही महत्व बताया गया है। ऋषि पंचमी के दिन दोपहर के समय सप्तऋषियों की पूजा करनी चाहिए और उनसे क्षमा याचना करनी चाहिए।
वार: मंगलवार
मास: भाद्रपद
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: चतुर्थी सुबह 07:44 बजे तक, उपरांत पंचमी
नक्षत्र: स्वाती दोपहर 03:21 बजे तक, उपरांत विशाखा
योग: इंद्र (ऐन्द्र) दोपहर 12:20 बजे तक, उपरांत वैधृति
करण: विष्टि सुबह 07:44 तक, फिर बव रात 08:17 तक
15 सितंबर को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की उदया तिथि चतुर्थी और मंगलवार का दिन है। चतुर्थी तिथि मंगलवार को सुबह 7 बजकर 45 मिनट तक रहेगी, उसके बाद पंचमी तिथि लग जाएगी। 15 सितंबर को ऋषि पंचमी का पर्व है। मंगलवार को दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक इंद्र योग रहेगा। साथ ही 15 सितंबर को दोपहर बाद 3 बजकर 21 मिनट तक स्वाती नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा 15 सितंबर को विनायक गणेश चतुर्थी व्रत है।
- भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि – 15 सितंबर 2026 को सुबह 7 बजकर 45 मिनट तक रहेगी , उसके बाद पंचमी तिथि लग जाएगी
- इंद्र योग- 15 सितंबर 2026 को दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक
- स्वाती नक्षत्र- 15 सितंबर 2026 को दोपहर बाद 3 बजकर 21 मिनट तक
- 15 सितंबर 2026 विशेष- ऋषि पंचमी, विनायक गणेश चतुर्थी