3 नवंबर 2026, मंगलवार मास (अमांत/पूर्णिमांत): कार्तिक पक्ष: कृष्ण पक्ष तिथि: नवमी (सुबह 11:54 AM तक), इसके बाद दशमी तिथि शुरू विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि) शक संवत: 1948 (पराभव) सूर्योदय: सुबह 06:34 AM सूर्यास्त: शाम 05:35 PM अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:42 AM से दोपहर 12:26 PM तक ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:50 AM से 05:42 AM तक राहुकाल: दोपहर 02:50 PM से शाम 04:12 PM तक

By Chandra Shekhar Joshi Chief Editor & Founder Sadhak Bagla Mukhi Peeth Mob. 9412932030
वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रहों की युति से बनने वाले योग बेहद खास माने जाते हैं। ऐसे योग जातकों के जीवन पर शुभ या अशुभ प्रभाव डालते हैं। पंचांग के अनुसार, 3 नवंबर को चंद्रमा के सिंह राशि में प्रवेश करते ही एक शक्तिशाली त्रिग्रही योग का निर्माण हो रहा है। यह दुर्लभ योग चंद्रमा, गुरु और केतु की युति से बनेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस त्रिग्रही योग के बनने से 4 भाग्यशाली राशियों को जबरदस्त लाभ मिलने के योग

नवमी तिथि मंगलवार को दोपहर पहले 11 बजकर 55 मिनट तक रहेगी, उसके बाद दशमी तिथि & 3 नवंबर को कार्तिक कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि और मंगलवार का दिन है। नवमी तिथि मंगलवार को दोपहर पहले 11 बजकर 55 मिनट तक रहेगी, उसके बाद दशमी तिथि लग जाएगी। 3 नवंबर को सुबह 9 बजकर 54 मिनट तक शुक्ल योग रहेगा, उसके बाद ब्रह्म योग लग जायेगा। साथ ही मंगलवार को देर रात 3 बजकर 27 मिनट तक मघा नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा 3 नवंबर को पृथ्वी लोक की भद्रा है।
- कार्तिक कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि- 3 नवंबर 2026 को दोपहर पहले 11 बजकर 55 मिनट तक, उसके बाद दशमी तिथि लग जाएगी
- शुक्ल योग- 3 नवंबर 2026 को सुबह 9 बजकर 54 मिनट तक शुक्ल योग रहेगा, उसके बाद ब्रह्म योग लग जायेगा
- मघा नक्षत्र- 3 नवंबर 2026 को देर रात 3 बजकर 27 मिनट तक
- 3 नवंबर 2026 विशेष- पृथ्वी लोक की भद्रा
शुक्ल पक्ष का नाम तो आपने सुना ही होगा। जब तक आसमान में बढ़ता हुआ चंद्र दिखाई देता है तब तक शुक्ल पक्ष होता है। अत: शुक्ल योग को मधुर चांदनी रात की तरह माना गया है अर्थात जैसे चांदनी की किरणें स्पष्ट बरसती हैं वैसे ही कार्य में सफलता जरूर मिलती है। इस योग में गुरु या प्रभु की कृपा अवश्य बरसती है और मंत्र भी सिद्ध होते हैं। वही अगर ब्रह्म योग की बात करें तो अगर आपको कोई शांतिपूर्वक कार्य करना हो, तो ब्रह्म योग में करने से आपको शुभ फलों की प्राप्ति होगी। साथ ही अगर आपका किसी से झगड़ा हुआ हो, तो उसे सुलझाने के लिए भी ब्रह्म योग बहुत ही अच्छा है।

ग्रहों के राजा सूर्य देव 6 नवंबर 2026 को यानी धनतेरस के दिन अपना नक्षत्र बदलने जा रहे हैं। पंचांग के अनुसार सूर्य देव इस दिन रात 9 बजकर 8 मिनट पर विखाशा नक्षत्र में प्रवेश कर जायेंगे, जहां ये 20 नवंबर तक विराजित रहेंगे। इसके बाद अनुराधा नक्षत्र में अपनी यात्रा शुरू कर देंगे। जानिए सूर्य के इस नक्षत्र गोचर से किन राशियों को सुख परिणाम मिलने के संकेत हैं।
हिन्दू पंचांग के अनुसार 3 नवंबर 2026, मंगलवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थि संवत्सर) और शक संवत 1948 (पराभव संवत्सर) चल रहा है।

तिथि नवमी 11:55 AM तक, इसके बाद दशमी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र मघा 4 नवंबर, 3:26 AM तक, इसके बाद पूर्व फाल्गुनी अगले सूर्योदय तक जारी। योग शुक्ल 09:54 AM तक, इसके बाद ब्रह्म अगले सूर्योदय तक जारी। करण गर 11:54 AM तक, इसके बाद वणिज 11:25 PM तक, इसके बाद विष्टि (भद्रा) अगले सूर्योदय तक जारी।
photo; When… Mahamai Bagla Mukhi Coming…. Wonderful Movment… I Never Forget……… CHANDRA SHEKHAR JOSHI