BJP संसदीय दल की बैठक 20 दिसंबर 22, 2023-24 की सफलता के लिए बड़े बदलाव संभावित? खरमास समापन 14 जनवरी के बाद..

19 DEC 22 # भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संसदीय दल की बैठक मंगलवार, 20 दिसंबर यानी कि कल सुबह 9.30 बजे से  #मिशन 2023 की कमान #संभावना: मध्यप्रदेश में माधवराव सिंधिया को कमान दी जा सकती है, जबकि हरियाणा मे भी बदलाव संभावित?  #हरियाणा मे कुछ मंत्रियों की बेहद खराब परफॉर्मेंस #फोकस: आगामी हरियाणा विधान सभा चुनाव — केजरीवाल की चुनोती- हरियाणा के CM को बदले बिना चुनाव लड़ कर देखो #उत्तर प्रदेश में बीजेपी के पास 80 में से 62 लोकसभा सीटें हैं. यहां भी बीजेपी के सामने अखिलेश यादव एक बड़ी चुनौती के रूप में उभरे हैं. बीजेपी को यहां भी अपना गढ़ बचाना होगा. #एमसीडी में पार्टी के प्रदर्शन को देखने के बाद अनुमान लगाया जा सकता है कि इस बार राजधानी में बीजेपी की लोकसभा सीटें छिटकेगी

16 दिसंबर 2022 से खरमास का प्रारम्भ हो चुका है। जिसका समापन अगले महीने और नए साल में 14 जनवरी 2023 (Kharmas 2022 End Date) के दिन होगा। शास्त्रों के अनुसार खरमास में सभी प्रकार के मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है।

एमसीडी की सत्ता हारने से प्रदेश भाजपा में बदलाव की बयार प्रदेश भाजपा ने केंद्रीय मंत्रियों व अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री को प्रचार में उतारा था, लेकिन  —— #भाजपा की निगाहें 2024 के लोकसभा चुनावों पर टिकी हैं और वह संगठनात्मक मुद्दों और उभरती राजनीतिक चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी कई राज्य इकाइयों में प्रमुख पदों पर बदलाव जारी रख सकती है। आशंका पैदा हो गई है कि उन बीजेपी शासित राज्यों में बदलाव हो सकता है, जहां कुछ नेता पार्टी के वर्तमान राज्य नेतृत्व और कार्यशैली से असंतुष्ट हैं। # भारतीय जनता पार्टी के सांसद और त्रिपुरा के प्रभारी महेश शर्मा के इस बयान से हलचल मच गई: महेश शर्मा – नेताओं की पार्टी विरोधी गतिविधियों और बगावत पर बोल रहे थे। इस दौरान महेश शर्मा ने पार्टी के एक शीर्ष नेता का हवाला दिया, महेश शर्मा ने कहा कि शीर्ष नेताओं ने बगावती लोगों के सामने उन नेताओं के भविष्य का उदाहरण रखा है जिन्होंने अतीत में विद्रोह किया था। जिनमें शंकरसिंह वाघेला और उमा भारती जैसे नाम शामिल थे। # By Chandra Shekhar Joshi Chief Editor- www.himalayauk.org (Leading Newsportal & Print Media) Publish at Dehradun & Haridwar

मिशन 2023 की सफलता के लिए बीजेपी कई बड़े बदलाव करने जा रही है.? भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संसदीय दल की बैठक मंगलवार, 20 दिसंबर यानी कि कल सुबह 9.30 बजे से होगी. इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah), रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) के भी शामिल होने की उम्मीद है. इससे पहले 14 दिसंबर को भी भाजपा के संसदीय दल की बैठक हुई थी.  मिशन 2023 की सफलता के लिए बीजेपी कई बड़े बदलाव करने जा रही है. इन सबके बीच सिंधिया समर्थकों की दबी जुबान से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व को लेकर आवाज उठाई जा रही है. 2018 विधानसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की वजह से ही मध्य प्रदेश में बीजेपी सरकार की वापसी हुई. बीजेपी अगर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को कमान सौंपती है तो कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं. 

 मध्य प्रदेश भाजपा में बदलाव के संकेत दिखाई दे रहे हैं।

संसदीय दल की बैठक में 2024 के लोकसभा चुनाव और आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर चर्चा हो सकती है। बता दें, कर्नाटक, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और त्रिपुरा समेत 10 राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। पार्टी तेलंगाना में जीत हासिल करने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। भाजपा की कोशिश कर्नाटक और मध्य प्रदेश में सत्ता बरकरार रखने की भी है।

By Chandra Shekhar Joshi Chief Editor- www.himalayauk.org (Leading Newsportal & Print Media) Publish at Dehradun & Haridwar

हरियाणा मे कुछ मंत्रियों की बेहद खराब परफॉर्मेंस # सरकार का चेहरा भी बदला जा सकता है। गुजरात फार्मूले के आधार पर एंटी इनकंबेंसी को कम करने के लिए पार्टी नेतृत्व इसका फाइनल रोडमैप तैयार करने में जुटा है।  कांग्रेस छोड़कर आए ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थकों के साथ सत्ता संतुलन साधने में भाजपा का सामाजिक और भौगोलिक गणित बिगड़ गया है। 

हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए कम समय बचा है। पिछली बार भी भाजपा पूर्ण बहुमत नहीं पा सकी। इसलिए सरकार बनाने के लिए जजपा से गठबंधन करना पड़ा। वहीं 2024 में लोकसभा चुनाव भी होने हैं। हाल ही में पंचायती राज संस्थाओं के लिए संपन्न हुए चुनाव में बीजेपी पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन हुए थे,

हरियाणा में मंत्रियों की लोगों से दूरी CM मनोहर लाल को खटक गई है। उन्होंने मंत्रियों के लिए पब्लिक शेड्यूल बनाने का फैसला किया है। इस शेड्यूल के तहत सभी मंत्रियों को BJP के कार्यालय में रोज 2 घंटे बारी-बारी से ड्यूटी देनी होगी।

मंत्रियों के न मिलने को लेकर विधायक और BJP के वर्कर भी शिकायत कर रहे थे। ऐसे में संगठन की शिकायत को लेकर CM ने यह कड़ा रुख दिखाया है।

हरियाणा में कुछ मंत्रियों की बेहद खराब परफॉर्मेंस मिली है। कुछ मंत्री राज्य भर में लोगों के बीच पहुंचने के बजाय अपने हलकों तक ही सीमित होकर रह गए हैं। हाल ही में उन्हें बदले जाने तक की चर्चा रही। यहां तक कि केंद्रीय नेतृत्व ने भी इस पर नाराजगी जताई और सीएम को मंत्रियों की आउटरीच बढ़ाने के लिए के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। जिसके बाद CM ने खुद इसे अपने हाथ में लिया है।

वही 20 से 22 दिसंबर तक अंबाला से चंडीगढ़ तक पद यात्रा (पैदल मार्च) निकालेंगे। आंदोलनकारी किसानों की योजना 22 दिसंबर को चंडीगढ़ पहुंचने की है, जब राज्य की राजधानी में हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू होगा।

इसके अलावा हरियाणा के पानीपत शहर में रविवार को CM की शव यात्रा निकाल कर उसका दाह संस्कार किया गया। यह प्रदर्शन नवीन जयहिंद को गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेजने के विरोध में था। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्राह्मण समाज के जिला प्रधान रामरतन शर्मा ने की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्राह्मण समाज के जिला प्रधान रामरतन शर्मा ने मीडिया को बताया कि हरियाणा सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने पर नवीन जयहिंद के ऊपर केस दर्ज किया गया व उन्हें जेल भेजा गया है जोकि सरासर गलत एवं अन्याय है। इसके विरोध में ब्राह्मण समाज एकजुट हुआ है।

क्योंकि अब उन्हें आशंका है कि कहीं सरकार की शह पर नवीन के साथ किसी और तरह की अनहोनी न हो जाए। उन्होंने 2024 के चुनावों की चेतावनी देते हुए कहा है कि ब्राह्मण समाज इन सब बातों का बदला वोट से लेगा। क्योंकि नवीन जयहिंद PGI में हरियाणा के बच्चों की आवाज बनकर गए थे।

वही दूसरी और हरियाणा को केंद्र सरकार ने बड़ा झटका दिया है। हिसार में अब इंटरनेशनल एयरपोर्ट नहीं बनाया जाएगा। केंद्र सरकार ने संसद में एक प्रश्न पूछे जाने के दौरान यह खुलासा किया है।

जबकि आंदोलित किसान नेताओं ने बताया वे राज्य की राजधानी में सरकार को उनकी मांग पर किए गए वादे के बारे में याद दिलाने के लिए आएंगे

शामलात भूमि पर पिछले कई दशकों से कब्जा कर रहे किसानों के मालिकाना हक की मांग को लेकर कई किसान संगठन लामबंद हो गए हैं।

आंदोलनकारी किसानों का समर्थन करने वाले विपक्ष के साथ, भाजपा -जेजेपी मंत्रालय इस मामले पर सावधानी से कदम उठा रहा है।

12 सितंबर को चंडीगढ़-पंचकूला सीमा पर विरोध प्रदर्शन के दौरान उनसे की थी। सितंबर में बड़ी संख्या में किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों पर चंडीगढ़ आए थे, लेकिन तब संभावित गतिरोध टल गया था क्योंकि सरकार ने कहा था कि वह इस मुद्दे के समाधान पर गंभीरता से विचार कर रही है।

किसान अपना मार्च 20 दिसंबर को पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा (अंबाला) से शुरू कर चंडीगढ़ कूच करेंगे।

पंजाब भूमि राजस्व अधिनियम, 1887 के हिस्से के रूप में शामलात भूमि को गांवों में आम उपयोग के लिए अलग रखा गया है। अप्रैल में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसी भूमि का उपयोग पंचायतों द्वारा केवल ग्रामीणों की जरूरतों के लिए किया जाना चाहिए। शीर्ष अदालत ने फैसला सुनाया था, “भूमि का कोई हिस्सा मालिकों के बीच फिर से विभाजित नहीं किया जा सकता है, और ऐसी भूमि बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं होगी।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कुछ किसानों के लिए समस्या खड़ी हो गई है, जो जमीन पर खेती कर रहे थे या लंबे समय से अपने घर बना चुके हैं।

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