रॉ का एजेंट मान कर पाकिस्‍तान द्वारा मौत की सज़ा

भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने मौत की सज़ा सुनाई है. पिछले साल 3 मार्च को कुलभूषण जाधव को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया था. पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा ने भी आर्मी कोर्ट द्वारा सुनाए कुलभूषण की डेथ वारंट पर मुहर लगा दी है. कुलभूषण पर पाकिस्तान आर्मी कानून के तहत मुक़दमा चलाया गया. पाकिस्तान लगातार ये दावा कर रहा है कि वो रॉ के एजेंट हैं. हालांकि भारत पहले ही साफ़ कर चुका है कि कुलभूषण रॉ एजेंट नहीं हैं. 49 साल के कुलभूषण जाधव के खिलाफ आतंकवाद और तबाही का आरोप लगाया गया था. बलूचिस्तान प्रांत की सरकार द्वारा दर्ज एफआईआर में उन पर ये आरोप लगाए गए थे. जाधव को ईरान से पहुंचने के बाद बलूचिस्तान में कथित तौर पर गिरफ्तार कर लिया गया था. जाधव को रिसर्च ऐंड अनैलेसिस विंग (रॉ) का एजेंट होने के आरोप में बलूचिस्तान के चमन इलाके से गिरफ्तार किया था. चमन पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर से सटा हुआ इलाका है. भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, जाधव कानूनी तौर पर ईरान में अपना बिजनेस करता था, उसे हिरासत में लेकर काफी परेशान किया गया. भारत ने जाधव को ईरान से अगवा किए जाने का भी शक जताया था. पाकिस्तान की ओर से जारी वीडियो में जाधव ने बताया था कि वह 2013 में रॉ में शामिल हुए थे. रॉ ने ईरान के चाबहार इलाके में 10 साल पहले बेस बनाया था. वीडियो में जाधव कराची और बलूचिस्तान का दौरा करने की बात कहते हुए दिख रहे हैं. भारत ने वीडियो सामने आने पर उसमें किए गये सभी दावों को खारिज कर दिया था.
कुलभूषण सुधीर जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जासूसी करने का दोषी पाए जाने पर मौत की सजा सुनाई है। जाधव को पाकिस्तानी अधिकारियों ने 3 मार्च 2016 को गिरफ्तार किया था। उसे पाकिस्तान के खिलाफ जासूसी और विध्वंसक गतिविधियों में शामिल होने का दोषी पाया गया। पाकिस्तान का दावा है कि जाधव भारत की रिसर्च एंड एनलिसिस विंग (रॉ) के लिए काम करता है। वह बलूच अलगाववादियों के साथ मिला हुआ था। जाधव को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया था। वह वहां ईरान के रास्ते आया था।गिरफ्तार करने के करीब एक महीन बाद पाकिस्तान ने जाधव के कबूलनामा का एक वीडियो जारी किया। पाकिस्तानी अधिकारियों ने दावा किया कि वह कराची और बलूचिस्तान में आतंकी गतिविधियों में शामिल था। जाधव ने वीडियो में कहा है कि उसने रॉ के निर्देशों पर कराची और बलूचिस्तान में कई घटनाओं को अंजाम दिया। वह अभी नेवी के साथ काम कर रहा है। उसने बताया कि उसे रॉ ने 2013 में भर्ती किया था। उसका काम बलूचिस्तान और कराची में कानून का पालन करवाने वाली एजेंसियों के शांति बहाली के प्रयासों को बाधित करना था। पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक जाधव ने इस्लाम धर्म अपना लिया था और एक कबाड़ी के यहां काम करता था।

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भारत ने कहा था कि वो नौसेना के रिटायर्ड अधिकारी हैं, लेकिन वो किसी भी रूप में सरकार से नहीं जुड़े हुए हैं. पाकिस्तान ने आरोप लगाए कि जाधव पाकिस्तान को अस्थिर करना और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ जंग छेड़ना चाहते थे. कुलभूषण को 3 मार्च 2016 को ईरान से पाक में अवैध घुसपैठ के चलते गिरफ़्तार किया गया था. पाकिस्तानी सेना के कानून के तहत आए इस फैसले पर 90 दिनों के भीतर अमल होना तय है और पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के मुहर लग जाने के बाद इस फैसले के खिलाफ अपील की कोई गुंजाइश नहीं है. इस फैसले पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए पाकिस्तान से कहा है कि अगर कुलभूषण जाधव को फांसी दी गई तो यह सुनियोजित हत्या होगी. भारत ने पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित को तलब कर जाधव की सजा पर कड़ा ऐतराज जताया और कहा कि इस मामले में न्याय के मौलिक सिद्धांतों की अनदेखी की गई. भारत ने फिर कहा है कि जाधव को ईरान से अगवा किया गया और पाकिस्तान ये बताने में नाकाम रहा कि वो पाकिस्तान कैसे पहुंचे? पाकिस्तान सैन्य अदालत ने जाधव को देश के खिलाफ ‘जासूसी और विध्वंसक गतिविधियों में शामिल’ होने का दोषी बताया. इस कदम से पहले से ही तनावपूर्ण भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में और कड़वाहट आ सकती है. पाकिस्तानी सेना की सैन्य इकाई इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने कहा कि फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल (एफजीसीएम) द्वारा ‘सभी आरोपों में’ दोषी पाए जाने पर 46-वर्षीय जाधव की मौत की सजा पर सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने मुहर लगा दी.

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भारत का कहना है कि पाकिस्तान ने कभी जाधव के खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं दिए। विदेश मंत्रालय ने कहा कि वीडियो झूठा है, वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है। जहां वीडियो के एक पार्ट में जाधव ने कहा कि वह 2001 में संसद पर हुए हमले के बाद 2002 में रिटायर हो गया। वहीं वीडियो के दूसरे पार्ट में कहा कि उसका रिटायरमेंट 2022 में है। उसे यहां आपराधिक गतिविधियां करने के लिए भेजा गया है। भारत में ईरान के राजदूत गुलाम रजा अंसारी ने कहा कि इसकी रिपोर्ट्स को अनौपचारिक रुप से नई दिल्ली के साथ साझा किया गया था। पिछले हफ्ते जाधव के प्रत्यर्पण के लिए पाकिस्तान ने मना कर दिया था।
जाधव की भारत में पहचान सुधीर जाधव के बेटे के रुप में हुई है। सुधीर जाधव मुंबई एसीपी के पद से रिटायर हो चुके हैं। कुलभूषण के चाचा सुभाष जाधव 2002 में मुंबई के बांद्रा पुलिस स्टेशन के इंचार्ज थे। जब सलमान खान के खिलाफ हिट एंड रन का केस दर्ज हुआ था। जाधव के परिवार के सूत्रों के मुताबिक उसने अपना बिजनेस करने के लिए समय से पहले ही रिटायरमेंट ले लिया था। जाधव ने नवंबर 2013 में पुणे से अपना पासपोर्ट बनवाया था जिसका नंबर E6934766 था। यह पासपोर्ट हुसैन मुबारक पटेल के पासपोर्ट से मैच करता है। पासपोर्ट के मुताबिक जाधव का जन्म 1968 में हुआ और उसने 1987 में नेवी ज्वॉइन की।
उसके बैच के साथियों के मुताबिक वह बहुत चालाक था। वह लंबे समय तक अनुपस्थित रहा और कभी रियूनियन में भी नहीं आया। जाधव से सरकारी संबंध होने के सभी तथ्य हटा दिए गए हैं। उसके पासपोर्ट में भी पता अधूरा है। ईरान में उसके रहने के बारे में ज्यादा कुछ नहीं पता है। ईरान में चाबहार के सूत्रों के अनुसार, जाधव अपने परिवार के साथ रहता था। हालांकि, जाधव के परिवार ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक जाधव इसलिए फंस गया क्योंकि वह अपने असली पासपोर्ट के साथ पकड़ लिया गया था।

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