18 अप्रैल 2026, शनिवार का दिन न्याय के देवता शनि देव को समर्पित ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह दिन कर्म, अनुशासन, धैर्य और जिम्मेदारी का प्रतीक होता है। इस दिन किए गए कार्यों में स्थिरता और लंबे समय तक लाभ मिलने की संभावना रहती है। आध्यात्मिक साधना और ध्यान के लिए यह दिन अत्यंत शुभ
BY CHANDRA SHEKHAR JOSHI Mob 9412932030

पंचांग के अनुसार आज चैत्र मास के पूर्णिमा (पूर्णिमा तिथि) का दिन है। पूर्णिमा को विशेष रूप से पूजा-पाठ, व्रत, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करें पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें काले तिल और उड़द दाल का दान करें आज का दिन आध्यात्मिक ऊर्जा, धैर्य और कर्म पर ध्यान देने का संकेत देता है। 18 अप्रैल 2026 का पंचांग आध्यात्मिक उन्नति, धैर्य और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है। शनि देव की कृपा से आज का दिन शुभ और फलदायी रह सकता है।
वैशाख शुक्ल पक्ष प्रारंभ: अमावस्या के बाद आज से चंद्रमा की कलाएं बढ़ना शुरू होंगी। धार्मिक कार्यों और साधना के लिए यह पक्ष बहुत शुभ माना जाता है। शनिवार होने के कारण आज शनि चालीसा का पाठ करना और पीपल के वृक्ष की सात परिक्रमा करना विशेष फलदायी है। भरणी नक्षत्र का प्रभाव है। आज के दिन संयम और अनुशासन का पालन करने से लंबी आयु और आरोग्य की प्राप्ति होती है। सूर्य देव अपनी उच्च राशि मेष में विराजमान हैं, जो साहस और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि करते हैं।
शनिवार और प्रतिपदा का मेल होने के कारण आज हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें। साथ ही, शाम के समय किसी जरूरतमंद को काले तिल या छतरी का दान करें। इससे शनि दोष का प्रभाव कम होता है और कार्यों में आ रही बाधाएं दूर
इस मुद्रा में रहते हुए “ॐ अहद्रम अहद्रम अहद्रम महम” इस मंत्र का जाप करें। 5 से 7 बार यह मंत्र बोलना है। अगर आप चाहें तो इससे ज्यादा बार भी इसका जाप कर सकती हैं, इसमें कोई पाबंदी नहीं है।
हिन्दू पंचांग के अनुसार अप्रैल 18, 2026, शनिवार बैशाख माह के शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि & 18 अप्रैल 2026, शनिवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से कई महत्वपूर्ण योग लेकर आया & वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है, जो दोपहर 2:11 बजे तक रहेगी, इसके बाद द्वितीया तिथि प्रारम्भ होगी। अश्विनी नक्षत्र सुबह 9:43 बजे तक रहेगा, तत्पश्चात भरणी नक्षत्र प्रभावी होगा। & राहुकाल सुबह 9:00 से 10:30 तक रहेगा & यह दिन चंद्रदर्शन, गुरु अंगददेव जयंती और अन्य धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:49 बजे तक अमृत काल: सुबह लगभग 09:20 बजे से 10:50 बजे तक
इन मुहूर्तों में पूजा-पाठ, नए कार्यों की शुरुआत और निवेश करना लाभकारी माना जाता है।
राहुकाल और अशुभ समय राहुकाल: सुबह लगभग 09:00 बजे से 10:30 बजे तक
व्रत / दिवस विशेष – चंद्रदर्शन, पुरातत्व दिवस, देव दामोदर तिथि (आसाम), गुरु अंगददेव जयंती (दोनों मत से), गुरु तेग बहादुर जयंती (नवीन मत से), गंडमूल दिन 9-43 तक,
शनिवार 18 अप्रैल, 2026 | Panchang Today 18 April 2026
- विक्रम संवत् – 2083
- संवत्सर नाम – रौद्र
- शक संवत् – 1948
- हिजरी सन् – 1447
- मु. मास – 29 सव्वाल
- अयन – उत्तरायण
- ऋतु – बसंत ऋतु
- मास – वैशाख
- पक्ष – शुक्ल प्रारम्भ