भारत को 29 लाख पुष्ट मामलों का आंकड़ा पार करने में कुल 204 दिन लगे & ITR 30 सितंबर तक & गणेश चतुर्थी 22 अगस्त & Top News 21 August 20

21 August 20: Himalayauk Bureau: High Light# शांत मामले में उस समय टर्निंग प्वाइंट आ गया # देश का सबसे गंदा शहर बिहार की राजधानी पटना # वही दूसरी ओर बिहार विधानसभा चुनाव के लिए गाइड लाइन जारी # आगरा — युवा महिला डॉक्टर की कुछ दिनों पहले बेरहमी से हत्या # केंद्र सरकार बड़ी राहत लेकर आई है- सरकार बेरोजगारी भत्ता देगी # ‘इनकम टैक्स दुनिया की सबसे मुश्किल चीज है’. — इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 30 सितंबर 2020 कर दी गई है. # अर्जुन पुरस्कार — पाने वाले खिलाड़ियों की संख्या 27 #  हरियाणा (Haryana) में शनिवार और रविवार को दुकानों और दफ्तरों को बंद रखने का फैसला #भारत को 29 लाख पुष्ट मामलों का आंकड़ा पार करने में कुल 204 दिन लगे हैं…स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आज (शुक्रवार) जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 29,05,823 हो गई है.

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गणेश चतुर्थी 22 अगस्त को मनाई जाएगी

गणेश चतुर्थी पर्व 22 अगस्त को मनाया जाएगा. इस शुभ दिन पर एक विशेष संयोग बन रहा है. दरअसल गणेश चतुर्थी पर 126 साल बाद सूर्य और मंगल अपनी-अपनी स्वराशि में स्थित हैं. सूर्य अपनी राशि में सिंह में स्थित है तो वहीं मंगल भी अपनी मेष राशि में स्थित है. दोनों ग्रहों का ये संयोग कुछ राशियों के लिए अत्यंत शुभ है.  गणेश जी को प्रथम देव माना गया है. शुभ कार्य करने से पहले भगवान गणेश जी का ध्यान किया जाता है. माना जाता है कि किसी भी शुभ कार्य करने से पूर्व गणेश जी की वंदना और स्तुति से कार्य में आने वाले विघ्न समाप्त हो जाते हैं. इसीलिए भगवान गणेश जी को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है.

भगवान गणेश जी ने ही महाभारत काव्य अपने हाथों से लिखा था. पौराणिक कथा के अनुसार विद्या के साथ साथ भगवान गणेश को लेखन कार्य का भी अधिपति माना गया है. गणेश जी को सभी देवी देवताओं में सबसे अधिक धैर्यवान माना गया है. उनका चित्त स्थिर और शांत बताया गया है. कैसी भी परिस्थिति हो वे अपना धैर्य नहीं खोते हैं. शांत भाव से अपने कार्य को करते रहते हैं. इसी कारण उनकी लेखन की शक्ति भी अद्वितीय मानी गई है.

महर्षि वेद व्यास भगवान गणेश के इसी खूबी के चलते अति प्रभावित थे. जब महर्षि वेदव्यास ने महाभारत की रचना करने का मन बनाया तो उन्हें महाभारत जैसे महाकाव्य के लिए एक ऐसे लेखक की तलाश थी जो उनके कथन और विचारों को बिना बाधित किए लेखन कार्य करता रहे. क्योंकि बाधा आने पर विचारों की सतत प्रक्रिया प्रभावित हो सकती थी.

महर्षि वेद व्यास ने सभी देवी देवताओं की क्षमताओं का अध्ययन किया लेकिन वे संतुष्ट नहीं हुई तब उन्हें भगवान गणेश जी का ध्यान आया. महर्षि वेद व्यास ने गणेशजी से संपर्क किया और महाकाव्य लिखने का आग्रह किया. भगवान गणेश जी ने वेद व्यास जी के आग्रह को स्वीकार कर लिया लेकिन एक शर्त उनके सम्मुख रख दी. शर्त के अनुसार काव्य का आरंभ करने के बाद एक भी क्षण कथा कहते हुए रूकना नहीं है. क्योंकि ऐसा होेने पर गणेश ने कहा कि वे वहीं लेखन कार्य को रोक देंगे. गणेश जी की बात को महर्षि वेद व्यास ने स्वीकार कर लिया, लेकिन उन्होनें भी एक शर्त गणेशजी के सामने रख दी. महर्षि वेद व्यास जी ने कहा कि बिना अर्थ समझे वे कुछ नहीं लिखेंगे. इसका अर्थ ये था कि गणेश जी को प्रत्येक वचन को समझने के बाद ही लिखना होेगा. गणेश जी ने महर्षि वेद व्यास की इस शर्त को स्वीकार कर लिया. इसके बाद महाभारत महाकाव्य की रचना आरंभ हुई. कहा जाता है कि महाभारत के लेखन कार्य पूर्ण होने में तीन वर्ष का समय लगा. इन तीन वर्षों में गणेश जी ने एक बार भी महर्षि वेद व्यास जी को एक पल के लिए भी नहीं रोका, वहीं महर्षि ने भी अपनी शर्त पूरी की. इस तरह से महाभारत पूर्ण हुआ.

 मेष
पंचम भाव में सूर्य शुभ कार्यों में वृद्धि करेगा. आप अपनी नई कार्य योजनाओं को धरातल पर उतारने में सफल होंगे.
वृषभ वृषभ राशि के लिए यह संयोग शुभ नहीं है. चौथे भाव का सूर्य आपके सुखों में कमी ला सकता है. इस दौरान आपको पारिवारिक कलह का सामना करना पड़ सकता है.

मिथुन  सूर्य आप में ऊर्जा शक्ति का भंडार भर देगा, साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी, जिद्दी स्वभाव पर नियंत्रण रखने की जरुरत.

कर्क कोई बड़ा काम पूरा होगा, आर्थिक स्थिति मजबूत होगा, जीवन में सुख और शांति बढ़ेगी, किसी को कड़वे शब्द न बोलें

सिंह समय आपके लिए उत्तम होगा. किंतु यह समय आपकी परीक्षा का भी है इसलिए अपने क्रोध पर नियंत्रण रखते हुए तथा ऊर्जाशक्ति का सही दिशा में उपयोग करते हुए कार्य करें

कन्या  राशि से हानि भाव में सूर्य का गोचर मिलाजुला फल कारक सिद्ध होगा. कष्ट कारक यात्रा भी करनी पड़ सकती है धन हानि होने की संभावना है.

तुला  आमदनी बढ़ेगी. कोई बड़ी उपलब्धि हासिल हो सकती है. चुनाव संबंधी कोई भी निर्णय लेना चाह रहे हों तो उसमें भी सफलता मिलेगी.

वृश्चिक  नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है. कार्यक्षेत्र में सफलता और सरकारी नौकरी में प्रमोशन की संभावना बन रही है.

धनु  आपके भाग्य में वृद्धि होगी. आर्थिक पक्ष मजबूत होगा. धर्म-कर्म के कार्यों में आपकी सहभागिता बढ़ेगी

मकर  अचानक से आर्थिक लाभ मिल सकता है. रिसर्च के छात्रों के लिए यह अवधि अनुकूल होगी.

कुंभ  राशि से सप्तम भाव में सूर्य का गोचर कार्य व्यापार में उन्नति तो देगा ही आय में वृद्धि भी होगी. नए अनुबंध पर हस्ताक्षर भी कर सकते हैं, किंतु दांपत्य जीवन के लिए यह संयोग अच्छा नहीं रहेगा.

मीन   राशि से छठे शत्रुभाव में सूर्य का गोचर भी आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है किंतु, अत्यधिक खर्च के कारण आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ सकता है.

एक बहुत ही प्रचलित कथा के मुताबिक, सभी देवताओं में एक बार इस बात को लेकर विवाद हुआ कि सबसे पहले किस भगवान की पूजा की जानी चाहिए क्योंकि सभी देवताओं के अपने महत्व और कार्य हैं. ऐसे में कौन-सा देवता सर्वप्रथम पूजा जाए इस बात पर सभी भगवानों के बीच चर्चा हुई और हर कोई खुद को सर्वश्रेष्ठ बताने लगे. तभी नारद मुनी प्रकट हुए और उन्होंने देवताओं को भगवान शिव से इस सवाल का जवाब मांगने की सलाह दी. 

सभी देवता भगवान शिव के पास पहुंचे और अपना पक्ष रखा. इस झगड़े को खत्म करने के लिए भगवान शिव ने एक योजना बनाई और प्रतियोगिता का आयोजन किया. शिव जी ने कहा कि जो भी देवता इस पूरे ब्रह्माण्ड का चक्कर लगाकर सबसे पहले मेरे पास पहुंचेगा वही, विजयी होगा और उसे ही सर्वप्रथम पूजनीय माना जाएगा. 

इस बात को सुन सभी देवता अपने-अपने वाहनों पर सवार हो कर ब्रह्माण्ड का चक्कर लगाने निकल गए. गणेश जी ने भी इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था. सभी देवी-देवता जब ब्रह्माण्ड के चक्कर लगा रहे थे तभी गणेश जी को एक तरकीब सूझी और उन्होंने फटाफट अपने माता-पिता के सात चक्कर लगा लिए.

सभी देवगण ब्रह्माण्ड का चक्कर लगाकर जब तक भगवान शिव-पार्वती के पास पहुंचे, तब तक गणेश जी प्रतियोगिता जीत चुके थे. इस बात को सुनकर सभी देवता और गणेश जी के भाई कार्तिक अचंभित हो गए. सबने इसका कारण बताने के लिए कहा. तब भगवान शिव ने कहा, इस संसार में माता-पिता को समस्त ब्रह्माण्ड और लोक में सर्वोच्च स्थान प्राप्त है. माता के चरणों में ही समस्त संसार का वास होता है. इस कारण से गणेश जी ने अपने माता-पिता का ही चक्कर लगाया और इस प्रतियोगिता में जीत गए. 

सुशांत मामले में उस समय टर्निंग प्वाइंट आ गया

सुशांत मामले में उस समय टर्निंग प्वाइंट आ गया जब रिया चक्रवर्ती और महेश भट्ट की वाट्सएप चैट वायरल हो गई. एक ऐसी चैट जिसने ये साफ कर दिया कि रिया ने खुद ही सुशांत को छोड़ा था. वही अभिनेता और राजनेता शत्रुघ्न सिन्हा भी सीबीआई के हाथ में केस जाने से खुश हैं.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब सीबीआई सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस की जांच कर रही है. मुंबई पुलिस से हैंडओवर की प्रक्रिया शुरू हो गई है. सीबीआई की टीम अभी बांद्रा पुलिस स्टेशन के भीतर है. सीबीआई के अधिकारी बांद्रा एसएचओ और आईओ से मिल रहे हैं. अब तक लिए कुल 56 बयानों का हैंडओवर सीबीआई मुंबई पुलिस से लेगी. बता दें कि मुंबई पुलिस ने अपनी अब तक की पड़ताल में इंडस्ट्री और इस केस से जुड़े कुल 56 लोगों के बयान दर्ज किए हैं.

इसके अलावा फॉरेंसिक रिपोर्ट, घटनास्थल की पंचनामा रिपोर्ट, ऑटोप्सी रिपोर्ट, सुशांत के तीनों मोबाइल फोन, उनका लैपटॉप, कपड़े जिन्हें पहनकर उनकी डेडबॉडी फंदे से झूलती मिली थी. मोबाइल की सीडीआर एनालाइसिस, बांद्रा पुलिस की केस डायरी, कंबल, वो बेडशीट जो सुशांत के कमरे में थी, वो कपड़ा जिसका फंदा बनाकर सुशांत ने फांसी लगाई, कुर्ता, मग-प्लेट जिसमें जूस पिया, सीसीटीवी की डीवीआर जैसी तमाम चीजें सुशांत केस के हैंडओवर के तौर पर सीबीआई मुंबई पुलिस से लेगी.

इतना ही नहीं सीसीटीवी डीवीआर और बिल्डिंग का वो कैमरा जिसमें 13 से लेकर 14 जून तक की रिकॉर्डिंग हुई है. इसके अलावा उस जगह पर मौजूद फॉरेंसिक स्पॉट भी सीबीआई मुंबई पुलिस से लेगी.

वहीं 14 जून को जब सुशांत की मौत हुई थी, उस दिन भी महेश भट्ट ने रिया को अकेलेपन का महत्व बताते हुए एक मैसेज लिख था- अगर कभी भी अपने अंदर की क्रिएटिविटी को जानना है और खुद को पहचानना है तो अकेले रहना जरूरी है.  उसी दिन महेश ने यहां तक कहा है कि फीलिंग तो आसमान में दिख रहे बादलों की तरह है जिनका आना-जाना लगा रहता है.

अब हैरानी की बात ये है कि यारे मैजेस तब किए गए हैं जब रिया ने सुशांत को छोड़ दिया था. महेश और रिया के बीच ये बातचीत 8 जून के बाद हुई है

इन मैसेज को देख ये भी समझ आ रहा है कि रिया को संभालने के लिए ही महेश ऐसे मैसेज लगातार उनके साथ शेयर कर रहे थे. सिर्फ यही नहीं कुछ मौकों पर वो उन से फोन पर बात करने तक को कह रहे थे.

गुरुवार को सामने आई चैट से ये समझ आया था कि रिया ने महेश भट्ट से मदद मांगी थी और उन्हीं की सलाह पर सुशांत को छोड़ जिदंगी में आगे बढ़ने का फैसला लिया था. अब शुक्रवार को महेश और रिया के बीच एक और चैट सामने आई है. इस चैट को देख ये समझा जा सकता है कि रिया चक्रवर्ती थोड़ा परेशान थीं और महेश उनकी हिम्मत बढ़ाने की कोशिश करते थे. चैट में दिख रहा है कि महेश भट्ट लगातार रिया के साथ मोटिवेशन इमेज और कोट शेयर किया करते थे. जिंदगी से लेकर अकलेपन तक, हर मुद्दे पर महेश भट्ट, रिया को खूब सारा ज्ञान दे रहे थे. एक मैसेज में महेश, रिया को कह रहे हैं- तुमने जो किया है वो बहुत हिम्मत का काम है. अब पीछे मुड़कर मत देखना. वहीं रिया भी जवाब में कह रही हैं कि वे उनकी शुक्रगुजार हैं. वहीं एक और मैसेज में महेश रिया को बता रहे हैं कि कई बार जिंदगी में कुछ कदम पीछे लेना ही फायदेमंद रहता है. वे लिखते हैं- अगर कभी सच्चाई को जानना हो तो हमेशा एक कदम पीछे हट जाओ, फिर एक और कदम हटो और फिर कुछ और. वहीं रिया भी महेश भट्ट के इन मैसेजेस पर रिएक्ट करती हैं. वो लिखती हैं- कितनी सच्ची बात है, मैं अपने विजन को वापस पाता देख रही हूं. सिर्फ यही नहीं एक ऐसा भी मैसेज किया गया है जहां रिया यहां तक कह रही हैं कि वो महेश भट्ट के इन मैसेजेस की वजह काफी खुश हैं. उन्हें इन मैसेजेस के जरिए खूब सारी एनर्जी मिलती है.

महेश भट्ट और रिया की व्हाट्सएप चैट पर शत्रुघ्न ने कहा- मैं ये कहना चाहूंगा कि सारी बातों को सीबीआई के सामने पेश करना चाहिए. मैं तो ये भी नहीं जानता कि उनके बीच रिश्ता क्या है. गॉडफादर का रिश्ता था? पिता, अंकल या गहरे मित्रा का रिश्ता था हमे तो नहीं पता. जिस लड़की का आप नाम ले रही हैं, मैं तो उनसे भी कभी नहीं मिला. मेरी कभी रिया के साथ मुलाकात नहीं हुई. शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- सुशांत के लिए जो सभी लोग परिवार, नेता, अभिनेता और फैंस सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे. उनकी दुआएं रंग लाईं. लोगों की जो मां थी वो पूरी हुई. सीबीआई के केस सौंपने का मतलब है कि हमने सच्चाई की दिशा में एक सही कदम उठाया. एक चाइनीज में एक कहावत है कि हजारों मील लंबी यात्रा की शुरुआत पहले उठे हुए कदम से होती है. ये कहावत बहुत हद तक यहां लागू होती है. हमारी ये ही कामना है कि जल्द से जल्द सच्चाई सामने आए.

शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- कई बार लगता तो जरुर था कि बड़ी देर कर दी. इतनी देर कर दी. एक आशंका रही कि सबूतों में हेर फेर न हो जाए, अब मामला सीबीआई को चला गया है. ये इंवेस्टिगेशन का समय है. इनमें से बहुत सारे लोगों को मैं नहीं जानता, मैंने इतने नजदीक से इस केस को स्टडी नहीं किया, जितना शेखर सुमन जी ने किया. शेखर सुमन से पुलिस और सीबीआई को सीखना चाहिए कि कैसे किसी केस की जांच होती है, कैसे किसी से सवाल किए जाते हैं. मैं सुशांत के घर के लोगों की इज्जत करता हूं. सभी बहुत सभ्य हैं. सुशांत भी काफी सभ्य थे. पटना के होने के बावजूद सुशांत से मेरी बस एक बार ही मुलाकात हुई, वो बहुत सभ्य थे. अब जब मामला सीबीआई को सौंप दिया गया है कि ये उचित नहीं होगा कि मैं किसी और पर कोई टीकाटिप्पणी करूं जबकि मैं इस केस को इतने अच्छे से नहीं जानता हूं. मुझे कोई जानकारी है.

सिन्हा ने कहा- बहुत ही दुर्भाग्य की बात है कि आज इसके पीछे सिर्फ डर, डर सत्ताधारी का, या डर कुछ खास लोगों का, या डर किसी खास पार्टी का या फिर इसके पीछे कुछ लोगों का स्वार्थ भी हो सकता है. या हमारे और सुशांत के बीच में बहुत गैप था. मैं कह दूं कि भले ही वो उतना बड़ा स्टार न रहा हो, लेकिन देखें कि इस हादसे के बाद वो दुनिया में कितना बड़ा स्टार बनकर उभरा है. जो लोग उसे नहीं जानते थे वो भी इस बात को मानते हैं कि उसके साथ ज्यादती हुई है. सब सामने आए और अभी तक सामने आ रहे हैं. इससे पहले ऐसा कभी देखने को नहीं मिला. सुशांत सेल्फ मेड बढ़ रहा था. वो स्टार तो था ही, उसके अंदर बहुत बड़े स्टार बनने की संभावनाए थीं.

शत्रुघ्न ने कहा- सुशांत के वक्त में शायद थोड़े हालात सुधर गए हो. सुशांत की एंट्री वैसे नहीं हुई जैसे हम लोगों की हुई थी. धर्मेंद्र भी बहुत बड़े महान कलाकार हैं उनको भी स्ट्रगल करना पड़ा, मैंने तो जीरो से हीरो का सफर तय किया. अक्सर सुनता हूं कि छोटा शहर. किस बात का छोटा शहर, पटना की बात करें तो क्या शिक्षा के मामले मैं छोटा शहर है. हिंदुस्तान के बढ़िया से बढ़िया ब्यूरोक्रेट्स तो ज्यादातर पटना से ही हैं.

देश का सबसे गंदा शहर बिहार की राजधानी पटना

केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने गुरुवार को स्वच्छता सिटी सर्वे रिपोर्ट को जारी किया है. 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में लगातार चौथे साल इंदौर, ओवरऑल देश का सबसे स्वच्छ शहर बना है. दूसरे नंबर पर गुजरात का सूरत और तीसरे नंबर पर नवी मुंबई है. वहीं, 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में देश का सबसे गंदा शहर बिहार की राजधानी पटना रहा है.

स्वच्छता सिटी सर्वे 2020 में जहां गया का स्कोर 737.74 है तो वहीं सबसे स्वच्छ शहर अंबिकापुर का स्कोर 5428.31 है. यह रैंकिंग 10 लाख से कम आबादी वाले शहर की है जिनकी संख्या देश में 382 है.  10 लाख से कम आबादी वाले शहरों में टॉप 10 स्वच्छ शहरों में अंबिकापुर, मैसूर, न्यू दिल्ली, चंद्रपुर, खरगोन, तिरुपति, जमशेदपुर, गांधीनगर, धुले, राजनांदगांव शामिल हैं.

वहीं, 10 लाख से कम आबादी वाले शहरों में 10 गंदे शहर गया, बक्सर, अबोहर, भागलपुर, परसा बाजार, शिलॉन्ग, इटानगर, दिमापुर, बिहार शरीफ और सहरसा हैं.

वही दूसरी ओर बिहार विधानसभा चुनाव के लिए गाइड लाइन जारी

कोरोना संकट के बीच बिहार चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने गाइडलाइन जारी की है. इन गाइडलाइन के तहत चुनाव आयोग ने बताया है कि बिहार विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन ऑनलाइन दाखिल किए जाएंगे. साथ ही चुनाव के दौरान कोरोना से बचाव के लिए कई नियमों का पालन भी करना होगा.

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने गाइडलाइन जारी कर बताया कि इस बार उम्मीदवार सिक्योरिटी मनी ऑनलाइन जमा कर सकेंगे. वहीं ऐसा पहली बार होगा जब चुनाव में कोई उम्मीदवार सिक्योरिटी मनी ऑनलाइन जमा करेगा. इसके अलावा उम्मीदवारों को नामांकन भी ऑनलाइन ही दाखिल करना होगा.

वहीं चुनाव आयोग की गाइडलाइन के मुताबिक डोर टू डोर कैंपेनिंग के लिए उम्मीदवार के साथ ज्यादा से ज्यादा पांच लोग साथ हो सकते हैं. चुनाव आयोग ने कहा है कि गृह मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक ही सार्वजनिक सभाएं और रोड शो की अनुमति होगी.

चुनाव आयोग ने इलेक्शन के दौरान कोरोना संकट को ध्यान में रखते हुए सावधानियां बरतने की भी बात कही है. गाइडलाइन में कहा गया है कि फेस मास्क, सैनिटाइजर, थर्मल स्कैनर, ग्लव्स, पीपीई किट्स का इस्तेमाल चुनाव प्रक्रिया के दौरान किया जाएगा और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का भी पालन किया जाएगा.

कोरोना वायरस के खतरे को ध्यान में रखते हुए वोटर रजिस्टर असाइन करने के लिए सभी मतदाताओं को हाथ के दस्ताने (ग्लव्स) प्रदान किए जाएंगे. मतदाताओं को ईवीएम मशीन में वोटिंग से पहले दस्ताने दिए जाएंगे. इसके अलावा मतदाता की पहचान की प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को आवश्यकता पड़ने पर पहचान के लिए फेस मास्क को हटाना भी होगा.

आगरा — युवा महिला डॉक्टर की कुछ दिनों पहले बेरहमी से हत्या

आगरा के सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस पास कर चुकीं युवा महिला डॉक्टर की कुछ दिनों पहले बेरहमी से हत्या कर दी गई. इस मामले में आगरा पुलिस ने एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया है. आरोपी के बयान के बाद योगिता की हत्या की गुत्थी उलझ गई है. आगरा में डॉक्टर योगिता गौतम हत्याकांड को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं. बताया जा रहा है कि हत्यारोपी डॉक्टर विवेक तिवारी कत्ल के बाद योगिता की लाश को जलाना चाहता था. इसी मकसद को पूरा करने के लिए उसने मौका-ए-वारदात पर लकड़ियां इकट्ठा की थीं. हालांकि अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है. आगरा पुलिस ने भी ऐसी किसी बात का जिक्र अभी तक नहीं किया है.

एमबीबीएस करने वाली डॉक्टर योगिता गौतम की हत्या के आरोप में डॉक्टर विवेक को गिरफ्तार किया जा चुका है. डॉक्टर योगिता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीन गोली लगने की बात कही जा रही है. आरोपी डॉक्टर विवेक तिवारी ने अपना इकबाल-ए-जुर्म कर लिया है.

डॉक्टर योगिता गौतम की हत्या के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीन गोली लगने की बात कही जा रही है, जबकि आरोपी साथी डॉक्टर विवेक तिवारी ने डॉ योगिता गौतम की गला दबाकर और सिर पर चाकू मारकर हत्या करने का इकबाल-ए-जुर्म पुलिस कस्टडी में कबूल किया था.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि डॉक्टर योगिता गौतम की गोली मारकर हत्या की गई थी. योगिता के शरीर से तीन गोली निकली है. एक गोली सिर में, दूसरी गोली कंधे में और तीसरी गोली सीने में मिली है. डॉक्टर विवेक तिवारी के कबूलनामे और पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद मामला उलझ गया है.

आगरा के दौकी इलाके में सुनसान जगह पर योगिता का शव बरामद किया गया था. शव सुबह में बरामद हुआ लेकिन शाम तक शिनाख्त हो पाई. हत्यारोपी विवेक तिवारी मुरादाबाद में मेडिकल कॉलेज में योगिता का सीनियर रह चुका है. पुलिस के मुताबिक विवेक तिवारी योगिता पर शादी का दबाव बना रहा था. तिवारी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. उसका दावा है कि योगिता से उसका 7 साल पुराना परिचय था.

आगरा के एसपी बबलू कुमार ने बताया कि योगिता के परिजनों का आरोप है कि डॉ तिवारी योगिता को अक्सर फोन करता था और धमकी देता था. हत्यारोपी तिवारी अभी जालौन मेडिकल कॉलेज में मेडिकल ऑफिसर है. आगरा पुलिस ने जालौन पुलिस की मदद से हत्यारोपी डॉक्टर को गिरफ्तार किया. एसपी ने कहा कि हत्यारोपी से लंबी पूछताछ हुई है और इससे कई जानकारी सामने आई है.

विवेक तिवारी मंगलवार को जालौन से योगिता से मिलने आया था. शाम 6.30 बजे के आसपास दोनों एक कार में बैठे हुए थे. बातचीत के दौरान झगड़ा हो गया. इसके बाद विवेक तिवारी ने योगिता की हत्या कर दी.

चीन — विरोधियों को रास्ते से हटाने का अभियान

बीजिंग: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (President Xi Jinping) हमेशा के लिए सत्ता में बने रहना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने अपने विरोधियों को रास्ते से हटाने का अभियान छेड़ रखा है. एक तरफ जहां पूरी दुनिया ने 2020 के आठ महीने कोरोना (CoronaVirus) महामारी से लड़ते हुए बिताये हैं, वहीं जिनपिंग ने इन आठ महीनों में अपने विरोधियों के सफाए की योजना तैयार की है. उनके निशाने पर केवल राजनीतिक विरोधी ही नहीं हैं, बल्कि वह हर उस शख्स को ठिकाने लगाना चाहते हैं जो भविष्य में उनके लिए परेशानी खड़ा कर सकता है.

शी जिनपिंग का पूरा ध्यान इस वक्त केवल ऐसे पुलिसकर्मियों, न्यायाधीशों और कानून प्रवर्तन अधिकारियों पर है, जो उनकी नजर में खतरा पैदा कर सकते हैं. उनकी सफाई का अभियान भी शुरू हो चुका है. इसकी घोषणा एक तरह से जुलाई में हो गई थी, जब सरकार की तरफ से कहा गया था कि वो राजनीतिक और कानूनी समस्याओं की पहचान करके उन्हें दूर करने जा रही है.

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने चीनी सरकार के ऑपरेशन ‘क्लीन अप’ से पर्दा उठाते हुए बताया है कि कम से कम 21 पुलिसकर्मी और न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ जांच चल रही है. खास बात यह है कि इसमें वे कैडर भी शामिल हैं जिन्हें अच्छे प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया है. शंघाई के पुलिस प्रमुख, गोंग दाओन जिनपिंग के निशाने पर हैं. किसी भी अन्य देश में जांच के लिए बाकायदा एक एजेंसी होती है, लेकिन चीन में यह काम कम्युनिस्ट पार्टी करती है. कम्युनिस्ट पार्टी में भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए एक पूरी विंग है, जिसे सेंट्रल कमेटी डिसिप्लिन इंस्पेक्शन कहा जाता है. गोंग दाओन भी शंघाई के डिप्टी मेयरों में से एक हैं. उन पर पार्टी अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन का आरोप लगाया गया है. हालांकि, इस तरह के आरोप हर उस अधिकारी पर लगाये जाते हैं, जिसे सरकार अपने रास्ते से हटाना चाहती है. 

शी जिनपिंग को सत्ता में आए सात साल हो गए हैं. 2013 के बाद से ढेर सारे अधिकारी उनके भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान की भेंट चढ़ चुके हैं. इसमें पार्टी के सदस्य, सरकारी अधिकारी, सशस्त्र बलों के सदस्य शामिल हैं और अब सुरक्षा अधिकारी एवं न्यायाधीश भी उनके निशाने पर आ गए हैं. 

चीनी शहर चोंगकिंग के पार्टी सचिव सन झेंगकाई (Sun Zhengcai) को भी जिनपिंग ने बड़ी सफाई से अपने रास्ते से हटा दिया था. झेंगकाई को चीन का अलग लीडर माना जाता था, लेकिन दो साल पहले उन्हें लगभग 27 मिलियन डॉलर की रिश्वत के मामले में दोषी करार दिया गया. उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. चीनी सरकार का कहना है कि सन झेंगकाई भ्रष्ट थे, इसलिए उन्हें जेल भेजा गया, मगर जिनपिंग के आलोचकों के मुताबिक झेंगकाई सियासी साजिश का शिकार हुए. हालांकि, यह साबित करने के लिए किसी के पास कोई सबूत नहीं है.

इसी तरह, झोउ योंगकांग (Zhou Yongkang) भी जिनपिंग की साजिश का शिकार बने. 2012 तक, वह चीन के नौ सबसे वरिष्ठ राजनेताओं में से एक थे. उन्होंने चीन की सुरक्षा सेवाओं के प्रमुख के रूप में कार्य किया था, लेकिन अब उन्हें अपना जीवन जेल में बिता रहे हैं. शी जिनपिंग के सत्ता में आने के एक साल बाद ही झोउ पर जांच बैठा दी गई. शुरुआत में उन पर भी अनुशासनहीनता के आरोप लगाये गए. 2014 में उन्हें पार्टी से निष्कासित करके गिरफ्तार कर लिया गया. बाद में उन्हें रिश्वत, शक्ति का दुरुपयोग और गुप्त जानकारियों को लीक करने जैसे आरोपों में दोषी करार दिया गया.

केंद्र सरकार बड़ी राहत लेकर आई है- सरकार बेरोजगारी भत्ता देगी

नई दिल्ली: कोरोना वायरस महामारी (COVID-19 Pandemic) और लॉकडाउन (Lockdown) के बीच कई कंपनियां बंद हो रही हैं. बिजनेस मंद पड़ने और कारोबार नहीं होने की वजह से कर्मचारियों की नौकरी जाने का भी खतरा मंडरा रहा है. ऐसे में केंद्र सरकार आपके लिए एक बड़ी राहत लेकर आई है. केंद्रीय श्रम मंत्रालय (Labour Ministry) ने घोषणा की है कि अगर इस साल मार्च से लेकर दिसंबर (March-December 2020) के बीच कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों की नौकरी गई, तो सरकार बेरोजगारी भत्ता (Unemployment Benefit) देगी.

केंद्रीय श्रम मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार जिन लोगों के पास वर्कर्स एंप्लॉयी स्टेट इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (ESIC) कार्ड है, वे सभी इस बेरोजगारी भत्ते के हकदार होंगे. यानि ऐसी कंपनियां, जो वर्कर्स एंप्लॉयी स्टेट इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (ESIC) के तहत रजिस्टर्ड हैं, उनके कर्मचारी इसका लाभ उठाने के पात्र होंगे. सरकार का कहना है कि अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना (Atal Bimit Vyakti Kalyan Yojna) के तहत ही नौकरी गंवा चुके कर्मचारियों को भत्ता दिया जाएगा.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक बेरोजगार होने पर अधिकतम 90 दिनों (तीन महीने) तक भत्ता मिलता रहेगा. आवेदक अपनी मौजूदा औसत सैलरी का 50 फीसदी क्लेम कर सकता है. सरकार ने साफ किया है कि इसका फायदा केवल उन्हीं वर्कर्स को मिलेगा जो ESI स्कीम के साथ कम से कम पिछले दो सालों से जुड़े हैं.

नए नियम के तहत बेरोजगार होने वाले कर्मचारियों को भत्ता लेने के लिए अपनी कंपनी में जाने की जरूरत नहीं होगी. आवेदक सीधे ESIC की शाखा (ESIC Branch Office) में जाकर इस भत्ते की मांग कर सकता है. सरकार की ओर से मिलने वाला भत्ता सीधे आवेदक के बैंक खाते में आएगी

‘इनकम टैक्स दुनिया की सबसे मुश्किल चीज है’. — इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 30 सितंबर 2020 कर दी गई है.

नई दिल्ली: दुनिया के महानतम वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंसटाइन (Albert Einstein) ने कहा था कि ‘इनकम टैक्स दुनिया की सबसे मुश्किल चीज है’. उनकी ये बात कुछ हद तक सच भी है, क्योंकि जिनके अंदर इनकम टैक्स (Income tax) का डर बैठ गया तो उनके लिए इनकम टैक्स किसी चुनौती से कम नहीं है, लेकिन जिसने एक बार समझ लिया, उसके लिए कोई मुश्किल नहीं. इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने के लिए अगर आप भी कोई चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) खोज रहे हैं, क्योंकि खुद भरने से डर लगता है तो हम आपका ये डर आज निकाल देते हैं. ITR भरते समय कैसे उन गलतियों से बच सकते हैं जो आम तौर पर लोग कर जाते हैं. अगर आपने ये गलतियां नहीं की तो ITR भरने के लिए न तो आपको किसी CA की जरूरत पड़ेगी और न ही आइंसटाइन की तरह डरने की. 

सबसे पहले तो आपको ये जानकारी होनी चाहिए कि आपको कौन सा इनकम टैक्स फॉर्म (ITR) भरना है. गलत ITR फॉर्म भरने पर ये रिजेक्ट हो जाएगा फिर आपको रिवाइज्ड रिटर्न (Revised Return) जमा करना होगा. ITR फॉर्म कौन सा भरना है, ये आपकी नौकरी के स्रोत पर निर्भर करता है.  

अक्सर लोग अपने बचत खाते पर मिलने वाले ब्याज को ITR में नहीं दिखाते या इसकी जरूरत नहीं समझते. ये एक बहुत बड़ी गलती है, इसे इनकम टैक्स कानून के तहत टैक्स चोरी माना जाता है. इनकम टैक्स विभाग ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है. अगर आप ब्याज को दिखाते हैं तो इनकम टैक्स धारा 80TTA के तहत ब्‍याज पर 10 हजार रुपए तक की छूट भी मिल सकती है.

ITR फॉर्म में अपना नाम, पूरा पता ई-मेल आईडी, कॉन्टैक्ट नंबर बिल्कुल सही सही भरें, कोई भी स्पेलिंग मिस्टेक भारी पड़ सकती है. मोबाइल नंबर वही लिखें जो रजिस्टर्ड हो. आप ऐसे समझिए कि ITR में भरी गई जानकारी बिल्कुल आधार की जानकारी से मैच होना चाहिए. जरा सी भी जानकारी इधर उधर हुई तो SMS सूचनाओं और सरकार की ओर से मिलने वाले रिफंड में भी परेशानी आ सकती है. 

अगर आपने किसी वित्‍त वर्ष में एक साल के अंदर ही नौकरी छोड़कर कहीं दूसरी जगह नौकरी ज्‍वाइन कर ली है तो ITR भरते समय ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है. क्योंकि ऐसे में आपको अपनी पिछली और मौजूदा दोनों कंपनियों से फार्म -16 लेना होगा. फॉर्म-16 यह सुनिश्चित करता है आपके आयकर रिटर्न में कम से कम समय लगेगा और उसमें होने वाली गलतियां भी कम होंगी. 

ITR भरने के बाद ये सबसे अहम पड़ाव है, जिसमें ज्यादातर लोग चूक कर जाते हैं. ITR भरकर जमा करना ही काफी नहीं है, बल्कि इसको वेरिफाई भी करना होता है. इसको वेरिफाई करने के कई तरीके हैं. आप ई-वेरिफिकिकेशन पर जाकर आधार नंबर के जरिए वेरिफाई कर सकते हैं, या फिर आप सीपीसी-बेंगलुरु भेजकर भी इसको वेरिफाइ करा सकते है. 

अर्जुन पुरस्कार — पाने वाले खिलाड़ियों की संख्या 27

नई दिल्ली: खेल मंत्रालय ने शुक्रवार को पूर्व में खेल रत्न हासिल करने वाली साक्षी मलिक और मीराबाई चानू को अर्जुन पुरस्कार नहीं देने का फैसला किया जिससे इस साल यह पुरस्कार पाने वाले खिलाड़ियों की संख्या 27 रह गयी है. खेल मंत्रालय ने हालांकि देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार खेल रत्न के लिये जिन पांच खिलाड़ियों के नाम की सिफारिश की गयी थी, उन्हें स्वीकार कर लिया है.

पिछले सप्ताह न्यायमूर्ति (सेवानिवृत) मुकुंदकम शर्मा की अगुवाई वाली चयनसमिति ने अर्जुन पुरस्कार के लिये 29 खिलाड़ियों के नाम खेल मंत्रालय के पास भेजे थे. कोविड-19 महामारी के कारण पहली बार पुरस्कार वितरण समारोह 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस पर वर्चुअल आयोजित किया जाएगा. पहले इसके लिये राष्ट्रपति भवन में पुरस्कार समारोह का आयोजन किया जाता था.

इस सूची में रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता पहलवान साक्षी मलिक और 2017 की विश्व भारोत्तोलन चैंपियन मीराबाई चानू का नाम भी शामिल था लेकिन इन दोनों को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित करने का अंतिम फैसला खेल मंत्री किरेन रीजीजू पर छोड़ दिया गया था.

असल में इन दोनों खिलाड़ियों को पहले ही देश का सर्वोच्च खेल पुरस्कार खेल रत्न मिल चुका था. इन दोनों के नाम को सूची में शामिल करने की आलोचना भी हुई थी. इस साल खेल रत्न पाने वाले पांच खिलाड़ियों में स्टार क्रिकेटर रोहित शर्मा, पहलवान विनेश फोगाट, पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता मरियप्पन थंगवेलु, टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा और महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल शामिल हैं. मंत्रालय ने अपनी औपचारिक प्रेस विज्ञप्ति में इसकी पुष्टि की है.

 हरियाणा (Haryana) में शनिवार और रविवार को दुकानों और दफ्तरों को बंद रखने का फैसला

चंडीगढ़:कोरोना वायरस के बढ़ते मामले को देखते हुए हरियाणा (Haryana) में शनिवार और रविवार को दुकानों और दफ्तरों को बंद रखने का फैसला किया गया है. इस दौरान, सिर्फ जरूरी सेवाओं (Essential services) से जुड़ी चीजें खुली रहेंगी. हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने शुक्रवार को ट्वीट करके यह जानकारी दी. विज ने अपने ट्वीट में लिखा, “COVID-19 की वजह से हरियाणा में हर शनिवार और रविवार को आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी दुकानें और दफ्तर बंद रहेंगे.” देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इन दिनों COVID-19 के रोजाना 65,000 से अधिक नए मामले सामने आ रहे हैं.

हरियाण में कोरोना वायरस के अब तक 50,000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं और इस खतरनाक वायरस से अब तक 578 लोगों की मौत हुई है.  वाणिज्यिक प्रतिष्ठान और दुकानें शनिवार और रविवार को बंद रहेंगी हालांकि, लोगों की आवाजाही और यातायात पर प्रतिबंध लगने की संभावना नहीं है.  

इससे पहले, गुरुवार को पंजाब सरकार ने कोरोना की चिंताजनक स्थिति के चलते सख्त कदम उठाए थे. राज्य के सभी शहरों और कस्बों में शुक्रवार से रात में कर्फ्यू रहेगा, जो शाम 7 बजे से सुबह 5 बजे तक लागू रहेगा. साथ ही हफ्ते के आखिर में लॉकडाउन किया जाएगा. इसके अतिरिक्त, शादी और अंतिम संस्कार के अलावा सभी सार्वजनिक समारोह पर रोक रहेगी. यह नियम 31 अगस्त 2020 तक लागू रहेंगे. 

भारत को 29 लाख पुष्ट मामलों का आंकड़ा पार करने में कुल 204 दिन लगे हैं…स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आज (शुक्रवार) जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 29,05,823 हो गई है.

अमेरिका और ब्राजील के बाद भारत कोरोना वायरस महामारी से तीसरा सबसे प्रभावित राज्य है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार सुबह जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 68,898 नए मामले सामने आए हैं. इसी के साथ देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 29 लाख के पार हो गया. मंत्रालय ने कहा कि कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच देशभर में करीब 21 लाख मरीज़ ठीक हो चुके हैं. 

भारत समेत दुनियाभर के 180 से ज्यादा देशों में कोरोनावायरस (Coronavirus) का खौफ देखने को मिल रहा है. अभी तक 2.26 करोड़ से ज्यादा लोग इस संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं. यह वायरस 7.93 लाख मरीजों की जिंदगी छीन चुका है. भारत में भी हर रोज कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, हालांकि ठीक होने वालों की संख्या में भी इजाफा हुआ है. स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आज (शुक्रवार) जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 29,05,823 हो गई है. पिछले 24 घंटों में (गुरुवार सुबह 8 बजे से लेकर शुक्रवार सुबह 8 बजे तक) कोरोना के 68,898 नए मामले सामने आए हैं. इस दौरान देश में 983 कोविड-19 (COVID-19) संक्रमितों की मौत भी हुई है. 21,58,946 मरीज ठीक हो चुके हैं और अब तक कुल 54,849 लोगों की जान गई है. देश में 6,92,028 एक्टिव केस हैं. रिकवरी रेट की बात करें तो यह मामूली बढ़ोतरी के बाद 74.30 प्रतिशत पर पहुंच गया है. पॉजिटिविटी रेट 8.54 प्रतिशत है. देश में 20 अगस्त को 8,05,985 कोरोना सैंपल टेस्ट किए गए. अभी तक 3,34,67237 सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं. देश के लगभग सभी राज्यों से कोरोना मरीज सामने आ रहे हैं. कई राज्य ऐसे भी हैं, जो इस महामारी से मुक्त हो चुके थे लेकिन प्रवासियों के राज्य में दाखिल होने से वह फिर से इस संक्रमण की जद में आ गए.

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