बंगाल में आसोल पोरिबर्तन (असली बदलाव) लाना है, कमल खिलाना है- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार असम में नई शिक्षा नीति लागू करने की योजना बना रही है.   उन्होंने कहा कि इससे पहले की सरकारों ने असम की  अनदेखी की थी  यहां शिक्षा, इंडस्ट्री और अस्पताल के लिए कनेक्टिविटी होनी चाहिए जो पूर्व की सरकारों द्वारा नहीं किया गया था.   पीएम मोदी ने असम में नई शिक्षा नीति को विशेष जोर देकर एक तरह से शिक्षा मंत्री की योजनाओ को भी सराहा है- ज्ञात हो कि देश के प्रथम शिक्षा मंत्री पूरे देश में शिक्षा पर विशेष जोर दे रहे हैंा

22 Feb. 2021: Himalayauk Newsportal Bureau Report # Chandra Shekhar Joshi Editor 9412932030 & Sh Harish Tank National & Gujrat Bureau Incharge Mob. 9723622714 # Dr Anumap Bisvas West Bangal Bureau Chief Mob 9831224622

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को महीने में तीसरी बार पश्चिम बंगाल पहुंचे। हुगली में उन्होंने कहा कि अब पश्चिम बंगाल पोरिबर्तन (बदलाव) का मन बना चुका है। TMC पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि मां, माटी, मानुष की बात करने वाले बंगाल के विकास के आगे दीवार बनकर खड़े हो गए हैं।  इधर, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कार्यक्रम से दूर ही रहीं।

पीएम ने कहा कि आज के पश्चिम बंगाल में किराए पर बिल्डिंग भी लेनी हो तो उसमें भी कट लगता है. ये ऐसे बदमाशी कर रहे हैं कि दोनों तरफ से कट लेते हैं. बिना सिंडिकेट की इजाजत के किराए पर बिल्डिंग भी नहीं ले सकते. इस स्थिति को पश्चिम बंगाल के बारे में बनाई गई इस धारणा को हमें मिलकर बदलना है, इसलिए यहां परिवर्तन लाना है, कमल खिलाना है.

पीएम मोदी ने कहा कि आज मैं बंगाल के लोगों को ये विश्वास दिलाता हूं, जब बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी तो हर बंगाल वासी अपनी संस्कृति का गौरवगान कर सकेगा. कोई उसे डरा नहीं पाएगा, दबा नहीं पाएगा. भाजपा उस सोनार बांग्ला के निर्माण के लिए काम करेगी, जिसमें यहां का इतिहास, यहां की संस्कृति दिनों दिन और मजबूत होगी.

पीएम मोदी ने कहा कि मां-माटी-मानुष की बात करने वाले लोग, बंगाल के विकास के सामने दीवार बनकर खड़े हो गए हैं. केंद्र सरकार किसानों और गरीबों के हक का पैसा सीधे उनके बैंक खाते में जमा करती है. जबकि बंगाल केंद्र सरकार की योजनाओं का पैसा TMC के टोलाबाज़ों की सहमति के बिना गरीब तक पहुंच ही नहीं पाता.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझे हैरानी है कि इतने वर्षों में जितनी सरकारें यहां रही हैं, उन्होंने इस पूरे क्षेत्र को अपने हाल पर छोड़ दिया. यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर और धरोहर को बेहाल होने दिया गया. वो वंदे मातरम जिसने आजादी की लड़ाई में नए प्राण फूंके, हमारे क्रांतिवीरों को नई ताकत दी, मातृभूमि को सुजलाम्-सुफलाम् बनाने के लिए प्रेरित किया. 

पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे अमर गान की रचना करने वाले के स्थान को न संभाल पाना, बंगाल के, गौरव के साथ बहुत बड़ा अन्याय है.  इस अन्याय के पीछे बहुत बड़ी राजनीति है. ये वो राजनीति है जो देशभक्ति के बजाय वोटबैंक, सबका विकास के बजाय तुष्टिकरण को बल देती है. आज यही राजनीति, बंगाल में लोगों को मां दुर्गा की पूजा से रोकती है, उनके विसर्जन से रोकती है. बंगाल के लोग, वोटबैंक की राजनीति के लिए अपनी संस्कृति का अपमान करने वाले ऐसे लोगों को कभी माफ नहीं करेंगे.

बंगाल का नौजवान परिवर्तन की उम्मीद में जी रहा

मोदी ने कहा कि बंगाल में कमल खिलाना इसलिए जरूरी है, ताकि पश्चिम बंगाल की स्थिति में परिवर्तन आ सके। इसकी उम्मीद में आज का नौजवान जी रहा है। हुगली इसका उदाहरण है। अव्यवस्था ने पश्चिम बंगाल को किस हालत में पहुंचा दिया है। हुगली तो उद्योग का हब था। दोनों किनारों पर जूट इंडस्ट्री थी। बड़े कारखाने थे। यहां से निर्यात होता था। आज इसकी क्या स्थिति है, यह आप जानते हैं।

पूर्वी भारत के लोकगीतों में माताएं-बहनें गाती थीं कि घर के लोग कमाने कलकत्ता गए हैं। इसमें उम्मीद लगाई जाती थी कि जब वह लौटेगा, तो कलकत्ता से क्या-क्या लाएगा। वहां की नई चीजें हमारे घर में आएंगी। ऐसे गीत बंगाल के बाहर उड़ीसा से तेलंगाना, असम तक गाए जाते थे। यह कीर्ति थी उस जमाने में। अब बहुत से लोगों को काम के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। इस स्थिति को बदलना आपने तय कर लिया है। नई सरकार बनते ही इस दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

बंगाल दौरे के दौरान पीएम मोदी ने आगे कहा कि अब रेलवे को लेकर पश्चिम बंगाल में संभावनाओं के नए द्वार खुल रहे हैं। पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का बड़ा लाभ पश्चिम बंगाल को होने वाला है। इसका एक हिस्सा चालू भी हो चुका है, बहुत जल्द पूरा कॉरिडोर खुल जाएगा। जिससे बंगाल में भी उद्योगों के लिए अवसर बनेंगे। इससे पहले पीएम मोदी ने असम का दौरा किया।

असम दौरे पर गए पीएम मोदी ने सोमवार को एक सभा को संबोधित करने के दौरान कहा कि पांच राज्यों में होने वाले चुनाव को लेकर चुनाव आयोग मार्च के पहले सप्ताह  में तारीखों का ऐलान कर सकता है.  पीएम मोदी ने कहा कि पिछली बार चुनाव आयोग ने 4 मार्च को चुनाव की तारीखों का ऐलान किया था.   मुझे लगता है कि इस  बार भी कुछ ऐसी है संभावनाएं हैं.  

रक्षा-क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि स्वदेशी लड़ाकू विमान, एलएसी तेजस को जानबूझकर फाइलों तक रखा गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछली सरकारों को कोसते हुए कहा कि आजादी के बाद से ही हथियारों को आयात करने पर जोर दिया गया, जिसके कारण स्वेदशी डिफेंस इंडस्ट्री नहीं पनप सकी. रक्षा बजट पर आयोजित एक वेबिनार को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आजादी से पहले हमारे यहां सैकड़ों ऑर्डिनेंस फैक्ट्री थीं. यहां तक की दोनों विश्वयुद्ध में बड़े तादाद में भारत से ही हथियार भेजे गए थे. जबकि अब स्थिति ये है कि हमारे यहां स्मॉल-आर्म्स (गन, राईफल इत्यादि) के लिए भी दुनिया की तरफ देखना पड़ता है.

पीएम ने कहा कि एक समय था जब स्वदेशी लड़ाकू विमान, एलसीए तेजत तक को फाइलों में समेट दिया गया था. लेकिन वर्ष 2014 से स्थिति बदल गई है यानि जब से मोदी सरकार आई है. प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने हाल ही में 48 हजार करोड़ रूपये में 83 स्वदेशी लड़ाकू विमानों का ऑर्डर दिया है जिससे बड़ी तादाद में एमसएमएसई यानि माइक्रो, स्मॉल और मीडियम इंटरप्राईजेज को फायदा होगा. पीएम ने कहा कि सीडीएस के बनने से रक्षा प्रक्रिया में बेहद तेजी से काम हुआ है. करीब डेढ़ दशक में पहली बार रक्षा बजट के कैपिटल ऑऊटलेय यानि पूंजीगत व्यय में 19 प्रतिशत की बढोत्तरी हुई है. उन्होनें कहा कि सरकार के आत्मनिर्भर अभियान को सशस्त्र सेनाओ का सहयोग भी मिल रहा है.

पीएम ने सेना के ट्रेनिंग-ग्राउंड्स में लिखे उन वाक्यों का उल्लेख किया, जहां लिखा रहता है कि ‘शांति काल में बहाया हुआ पसीना, युद्धकाल में रक्त बहने से बचाता है.’ लेकिन पीएम ने कहा कि ”शांति की प्रीकंडिशन यानि पूर्वापेक्षा है वीरता, वीरता की प्रीकंडिशन है क्षमता और क्षमता की प्रीकंडिशन है सामर्थ.” प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक, ये सच है कि रक्षा क्षेत्र में सरकार का दखल बहुत ज्यादा है, क्योंकि ये नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ा है. लेकिन, ये भी सच है कि 21वीं सदी में बिना प्राईवेट साझेदारी के देश रक्षा क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ सकता है.

प्रधानमंत्री ने कहा, “बंगाल के लोग, वोटबैंक की राजनीति
के लिए अपनी संस्कृति का अपमान करने वाले ऐसे लोगों को कभी माफ नहीं करेंगे.
उन्होंने कहा, “आज मैं बंगाल के
लोगों को ये विश्वास दिलाता हूं, जब बंगाल में
बीजेपी की सरकार बनेगी तो हर बंगालवासी अपनी संस्कृति का गौरवगाण कर सकेगा. कोई
उसे डरा नहीं पाएगा, दबा नहीं पाएगा.
बीजेपी उस सोनार बांग्ला के निर्माण के लिए काम करेगी, जिसमें
यहां का इतिहास, यहां की संस्कृति दिनों दिन और मजबूत
होगी.”  पीएम मोदी ने कहा कि हुगली जिला तो भारत में
उद्योगों का एक प्रकार से हब था. हुगली के दोनों किनारों पर जूट इंडस्ट्री थी,
आयरन और स्टील, मशीनों
के बड़े-बड़े कारखाने थे. बड़े पैमाने पर यहां से निर्यात होता था. लेकिन अब आज
हुगली की क्या स्थिति है, ये आप भली-भांति
जानते हैं. .

वही को रा0सशक्‍त  हिन्‍दू  महासंघ ने प0 बंगाल में डा0 अनुपम विश्‍वास प्रदेश अध्‍यक्ष घोषित किया है, महासंघ के उत्‍तराखण्‍ड अध्‍यक्ष चन्‍द्रशेखर जोशी तथा महासंघ के गुजरात प्रभारी हरीश टांक ने नैशनल प्रेसीडेंट श्रीआरके बंसल से इस संबंध में संस्‍तुति की थी, जिसे मानते हुए तत्‍काल प्रभाव से डा0 अनुपम विश्‍वास की नियुक्‍ति कर दी गई, महासंघ के उत्‍तराखण्‍ड अध्‍यक्ष चन्‍द्रशेखर जोशी तथा महासंघ के गुजरात प्रभारी हरीश टांक ने बताया कि प0 बंगाल में मोदी जी के दिखाये रास्‍ते पर महासंघ चलेगा तथा कमल का खिलना तय करेगा, डा0 विश्‍वास प्रदेश कार्यकारिणी तथा जनपदो की कार्यकारिणी का शीघ्र गठन कर रहे हैं, जिसका समुचित लाभ मिलेगा

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