ठीक 30 साल पहले शनि का मीन राशि में ऐसा ही गोचर चक्र बना था, तब & CHANDRA SHEKHAR JOSHI Chief Editor Mob 9412932030
जुलाई का यह महीना ग्रहों का कैसा असर रहेगा? शनि की यह वक्री चाल इन राज्यों के राजनीतिक समीकरणों को मथने का काम करेगी. & अंतरिक्ष में 4 बड़े ग्रहों का गोचर

जब कई बड़े ग्रह एक साथ अपनी चाल बदलते हैं, तो वे दुनिया पर कोई घटना थोपते नहीं हैं. एक सामूहिक दबाव पैदा करते हैं. इस महीने होने जा रहे खगोलीय बदलाव & 1 से 15 जुलाई के बीच बुध के वक्री होने, राहु के कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में रहने तथा तकनीकी ग्रह योगों के कारण सोशल मीडिया और नेटवर्क आधारित सिस्टम चर्चा में & अत्यधिक जलभराव के कारण भारी दबाव आ सकता है. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के चलते पलायन और मार्ग बाधित होने जैसी स्थितियां प्रशासनिक चिंताएं बढ़ाएंगी. & प्रकृति के इस अप्रत्याशित आक्रामक रूप के सामने बेअसर साबित & मौसमी उथल-पुथल का सीधा असर देश की स्वास्थ्य प्रणालियों पर भी पड़ेगा. & शनि की यह वक्री चाल इन राज्यों के राजनीतिक समीकरणों को मथने का काम करेगी. & उत्तराखंड में पर्यावरण, पलायन और प्राकृतिक आपदाओं के बाद राहत कार्यों को लेकर प्रशासनिक व्यवस्थाओं की कड़ी परीक्षा होगी. विपक्षी दल इन जमीनी मुद्दों को सोशल मीडिया पर बड़े आंदोलनों का रूप देने की कोशिश करेंगे, जिससे सत्ताधारी दलों पर नीतिगत फैसले बदलने का दबाव बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा. & शनि दोबारा उसी मीन राशि में वक्री हो रहे हैं और राहु कुंभ राशि में हैं,

जुलाई 2026 में तकनीक केवल सुविधा का विषय नहीं रहेगी, बल्कि भरोसे, सुरक्षा और नियंत्रण का प्रश्न बन सकती है. 16 जुलाई को जब ग्रहों के राजा सूर्य कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, तो वहां पहले से मौजूद गुरु के साथ उनका संयोग बनेगा. कर्क एक पूर्ण जल तत्व राशि है और गुरु का पुष्य प्रभाव इस पानी की ऊर्जा को बहुत अधिक विस्तार दे देता है. ज्योतिषीय भाषा में इसे एक अत्यंत शक्तिशाली ‘जल तत्व योग’ कहा जाता है, जो मौसम के मिजाज में अचानक तेजी और मौसमी चरम घटनाओं की प्रवृत्तियां बढ़ाता है.
भविष्य में इंटरनेट से जुड़े अन्य स्मार्ट उपकरण कितने सुरक्षित हैं? अंतरिक्ष में इस दौरान 4 बड़े ग्रहों का गोचर हो रहा है. 4 जुलाई को शुक्र का सिंह राशि में प्रवेश, 7 जुलाई को बुध का वक्री होकर मिथुन में लौटना, 16 जुलाई को सूर्य का कर्क राशि में जाना और 27 जुलाई को शनि का मीन राशि में वक्री होना शामिल है.
इसके साथ ही राहु इस समय कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में सक्रिय हैं, जबकि गुरु पुष्य नक्षत्र के प्रभाव में हैं. इस पूरे चक्र को यदि एक कहानी के रूप में देखा जाए, तो यह “AI बनाम मानव निर्णय” की एक महागाथा जैसी है. यह हफ्ता-दर-हफ्ता नहीं, बल्कि तीन बड़े वैचारिक चरणों में देश और दुनिया को प्रभावित करने वाली है.
बुध का यह वक्री प्रभाव देश के युवाओं में करियर और रोजगार की सुरक्षा को लेकर एक मानसिक असमंजस की स्थिति भी पैदा कर सकता है,
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