3 जुलाई 26;कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी; आषाढ़ माह कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि & ज्योतिषीय भविष्यवाणियों के अनुसार यह महीना सकारात्मक बदलाव और नई संभावनाएं  

 3 जुलाई को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि  & 3 जुलाई को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि सुबह 11 बजकर 18 मिनट तक रहेगी, फिर इसके बाद चतुर्थी तिथि लग जाएगी। इस तिथि पर त्रावण नक्षत्र और विष्कंभ योग का विशेष संयोग बनेगा। इस तिथि पर चंद्रमा का गोचर मकर राशि में होगा, जिसके स्वामी शनिदेव होते हैं।  ज्योतिषीय भविष्यवाणियों के अनुसार यह महीना कई लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव और नई संभावनाएं BY CHANDRA SHEKHAR JOSHI CHIEF EDITOR & BAGLA MUKHI PEETH DEHRADUN MOB. 9412932030 पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ: 29 जून 2026, सोमवार की सुबह 03 बजकर 06 मिनट से

अभिजीत मुहूर्त- 11:54 − 12:49 & चंद्रोदय और सूर्योदय का समय- 3 जुलाई 2026 सूर्योदय का समय- 05:30
सूर्यास्त का समय-  19:13 चन्द्रोदय- 21:44 चन्द्रास्त- 08:08 & आज का अशुभ मुहूर्त – 3 जुलाई 2026
गुलिक काल- 07:13 − 08:55 राहुकाल: 10:38 − 12:21 यमगण्ड: 15:47 − 17:30 & रात में चंद्रमा की पूजा और अर्घ्य

चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 3 जुलाई 2026, सुबह 11:21 बजे से चतुर्थी तिथि समाप्त: 4 जुलाई 2026, दोपहर 12:40 बजे तक

 पंचांग के अनुसार, 3 जुलाई, शुक्रवार को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि रहेगी। यह तिथि सुबह 11:20 बजे तक रहेगी, जिसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू हो जाएगी। इस दिन श्रवण नक्षत्र सुबह 11:46 बजे तक रहेगा और उसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र का प्रभाव शुरू होगा। योग की बात करें तो इस दिन विष्कुम्भ योग शाम 4:59 बजे तक रहेगा और इसके बाद प्रीति योग का आरंभ होगा। करण के अनुसार विष्टि करण सुबह 11:20 बजे तक रहेगा, उसके बाद बव और फिर बालव करण का प्रभाव रहेगा। सूर्योदय सुबह 5:49 बजे और सूर्यास्त शाम 7:12 बजे होगा। चंद्रोदय रात 9:47 बजे और चंद्रास्त अगले दिन सुबह 9:20 बजे होगा। चंद्रमा इस दिन मकर राशि में रहेगा और रात 12:48 बजे के बाद कुंभ राशि में प्रवेश करेगा। वहीं सूर्य मिथुन राशि में स्थित रहेगा, जिससे मौसम और ऊर्जा दोनों पर इसका प्रभाव देखा जाता है। धार्मिक दृष्टि से यह दिन इसलिए भी खास है क्योंकि शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी और संतोषी माता को समर्पित माना जाता है। इस दिन उनकी पूजा से विशेष फल प्राप्त होता है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:13 बजे से 5:01 बजे तक रहेगा, जो ध्यान और पूजा-पाठ के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:04 बजे से 12:57 बजे तक रहेगा, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 5:49 बजे से 11:46 बजे तक रहेगा, जो श्रवण नक्षत्र और शुक्रवार के संयोग के कारण शुभ कार्यों के लिए बहुत अनुकूल रहेगा। इस दिन राहुकाल सुबह 10:50 बजे से 12:31 बजे तक रहेगा, जिसे अशुभ समय माना जाता है। इसके अलावा, यमगण्ड, कुलिक, दुर्मुहूर्त और वर्ज्यम् भी अशुभ काल माने जाते हैं। इस दौरान कोई भी नया या महत्वपूर्ण कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है।

आषाढ़ मास का शुभारंभ  यह महीना धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। आषाढ़ मास से ही वर्षा ऋतु का आगमन होता है, जिससे प्रकृति नवजीवन प्राप्त करती है। इसी महीने से भगवान विष्णु की योगनिद्रा आरंभ होती है और चातुर्मास की शुरुआत भी मानी जाती है। इस दौरान पूजा-पाठ, व्रत, दान और साधना का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आषाढ़ मास में जप, तप, ध्यान, व्रत और दान करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है। जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, छाता, जलपात्र और अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करना शुभ माना गया है। इस महीने में सात्विक जीवनशैली अपनाने और ईश्वर भक्ति में समय बिताने की भी सलाह दी जाती है।

कन्या राशि

  • कन्या राशि वालों के लिए यह महीना सफलता और लाभ के कई अवसर लेकर आने वाला है। 
  • नौकरी और व्यापार दोनों क्षेत्रों में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। 
  • विदेश से जुड़े कार्य करने वाले लोगों को इस महीने कोई सकारात्मक खबर मिलने की संभावना है, जिससे भविष्य की नई राह खुल सकती है।
  • वृश्चिक राशि वालों के लिए यह महीना सामान्य रहेगा, लेकिन मेहनत के दम पर अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। 
  • कार्यक्षेत्र में आपके प्रयास धीरे-धीरे सफलता दिलाने लगेंगे। 
  • व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं, जिससे आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा।
  • मीन राशि वालों के लिए जुलाई का महीना मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा, लेकिन धीरे-धीरे परिस्थितियां आपके पक्ष में आती नजर आएंगी। 
  • नौकरीपेशा लोगों को सलाह दी जाती है कि दूसरों की आलोचना या नकारात्मक बातों में उलझने के बजाय अपने लक्ष्य पर पूरा ध्यान केंद्रित रखें। 
  • लगातार प्रयास आपको सफलता की ओर ले जाएंगे।

4 जुलाई 2026 को शुक्र ग्रह चंद्रमा की राशि कर्क से निकलकर सूर्य की राशि सिंह में प्रवेश करने जा रहे हैं। शुक्र का यह राशि परिवर्तन 4 जुलाई 2026 की शाम को होगा और यह 1 अगस्त 2026 तक सिंह राशि में विराजमान रहेंगे। शुक्र के इस गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा। 

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