4 जुलाई 2026, शनिवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण… शनिदेव की उपासना के लिए विशेष ..उत्तराखंड भारी बारिश का अलर्ट…

4 जुलाई 2026 (शनिवार) का पंचांग आषाढ़ माह, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि (दोपहर 12:39 तक) है। इस दिन धनिष्ठा नक्षत्र (दोपहर 01:43 तक), प्रीति योग (शाम 05:02 तक) और चंद्रमा कुंभ राशि में विराजमान रहेंगे。देहरादून में सूर्योदय सुबह 05:30 बजे और सूर्यास्त शाम 07:13 बजे होगा & नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास जाने से परहेज करें। गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें …… शुभ मुहूर्त का उपयोग करें और राहुकाल जैसे अशुभ समय का ध्यान रखते हुए अपने महत्वपूर्ण कार्यों की योजना बनाएं।

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 हर तारीख अपने साथ अलग ग्रह-नक्षत्रों का प्रभाव लेकर आती है। 4 जुलाई 2026 का पंचांग भी ऐसे ही कई महत्वपूर्ण योगों और समय की जानकारी देता है कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है और शनिवार का दिन कर्म, अनुशासन तथा भगवान शनिदेव की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि दोपहर 12:41 PM तक रहेगी। चतुर्थी तिथि भगवान श्री गणेश की आराधना के लिए विशेष मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन गणपति की पूजा करने से कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और बुद्धि एवं विवेक की प्राप्ति होती है। आज शनिवार है, जो भगवान शनिदेव को समर्पित माना जाता है। यह दिन कर्म, न्याय, अनुशासन और आत्मसंयम का प्रतीक माना जाता है। शनि देव की पूजा, पीपल वृक्ष की सेवा तथा जरूरतमंदों की सहायता करना शुभ फलदायी माना जाता है।

जुलाई को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि सुबह 11 बजकर 18 मिनट तक रहेगी, फिर इसके बाद चतुर्थी तिथि लग जाएगी। इस तिथि पर त्रावण नक्षत्र और विष्कंभ योग का विशेष संयोग बनेगा। इस तिथि पर चंद्रमा का गोचर मकर राशि में होगा, जिसके स्वामी शनिदेव होते हैं।

पूर्णिमांत परंपरा के अनुसार आज आषाढ़ मास चल रहा है, जबकि अमांत पंचांग में ज्येष्ठ मास प्रभावी है। भारतीय पंचांग की दोनों प्रणालियों का उपयोग अलग-अलग क्षेत्रों और धार्मिक परंपराओं के अनुसार किया जाता है।

आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) तथा शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। शुभ मुहूर्त, धार्मिक अनुष्ठानों और पर्व-त्योहारों के निर्धारण में इन संवतों का महत्वपूर्ण स्थान है। वर्तमान में ग्रीष्म ऋतु का प्रभाव बना हुआ है। मौसम में धीरे-धीरे बदलाव के साथ वर्षा ऋतु के आगमन की परिस्थितियां भी बनने लगती हैं।

अयन की दृष्टि से अभी उत्तरायण चल रहा है। धार्मिक मान्यताओं में यह समय आध्यात्मिक उन्नति, शुभ कार्यों और सकारात्मक प्रयासों के लिए अनुकूल माना जाता है। सूर्योदय सुबह 5:13 AM पर तथा सूर्यास्त शाम 6:53 PM पर होगा। इन समयों के आधार पर आप अपने दैनिक कार्यों, पूजा-पाठ और अन्य आवश्यक गतिविधियों की योजना बना सकते हैं।

आज चंद्रोदय रात 9:53 PM पर और चंद्रास्त सुबह 8:49 AM पर होगा। चंद्रमा कुम्भ राशि में स्थित रहेगा तथा उसका निवास पश्चिम दिशा में माना गया है। धनिष्ठा नक्षत्र दोपहर 1:44 PM तक प्रभावी रहेगा। यह नक्षत्र परिश्रम, नेतृत्व क्षमता, प्रतिष्ठा और प्रगति का प्रतीक माना जाता है। इसके बाद अगला नक्षत्र प्रारंभ होगा।

NDA DEFENCE MINISTER & CHANDRA SHEKHAR JOSHI

आज प्रीति योग शाम 5:02 PM तक रहेगा। इस योग को आपसी सहयोग, मधुर संबंधों और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।

आज बालव करण दोपहर 12:37 PM तक रहेगा। पंचांग में बालव करण को कई सामान्य और मांगलिक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है। अभिजीत मुहूर्त 11:36 AM से 12:30 PM तक रहेगा। यदि कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेना हो या शुभ कार्य आरंभ करना हो, तो इस समय को प्राथमिकता दी जा सकती है।

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