भारत के बाज़ार पर चीन का कब्जा हो जाएगा ;निर्यातकों ने सरकार को चेताया

# निर्यातकों ने सरकार से माँग की है कि उन्हें निर्यात शुरू करने और उसके लिए अपने कारखाने खोलने की अनुमति दी जाए। #तुरन्त निर्यात नहीं शुरू किया गया तो भारत के बाज़ार पर चीन का कब्जा हो जाएगा क्योंकि चीन ने अपनी उत्पादक इकाइयाँ खोल दी हैं # कोरोना वायरस के संकट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ़्रेसिंग के जरिये बातचीत की# उत्तराखंड सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया # BY: www.himalayauk.org (Uttrakhand Leading Newsportal )

फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडियन एक्सपोर्ट्स ऑर्गनाइजेशन के सदस्यों ने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाक़ात कर निर्यात शुरू करने की माँग रखी। निर्यातकों ने सरकार से माँग की है कि उन्हें निर्यात शुरू करने और उसके लिए अपने कारखाने खोलने की अनुमति दी जाए। उन्होंने आशंका जताई है कि तुरन्त निर्यात नहीं शुरू किया गया तो भारत के बाज़ार पर चीन का कब्जा हो जाएगा क्योंकि चीन ने अपनी उत्पादक इकाइयाँ खोल दी हैं।

ऑर्गनाइजेशन ने दवा उद्योग का उदाहरण देते हुए कहा कि चीन में दवा बनाने वाली कपनियाँ खुल गई हैं, उत्पादन शुरू हो चुका है। यदि भारतीय कंपनियों को दवा निर्यात की अनुमति नहीं दी गई तो भारत का पूरा निर्यात बाज़ार चीन के पास चला जाएगा। 

अजय साहनी, महानिदेशक, फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडियन एक्सपोर्ट्स ऑर्गनाइजेशन के महानिदेशक अजय साहनी ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा :

‘हमने सरकार को बताया है कि समस्या यह है कि यदि आप अपना बाज़ार किसी देश, ख़ास कर चीन जैसे देश के लिए छोड़ देते हैं तो उसे वापस लेना बहुत ही मुश्किल है।’

उन्होंने आगे कहा, ‘हमने सरकार से कहा है कि हमें कम से कम आधे कर्मचारियों के साथ ही सही, पर काम शुरू करने दिया जाए, जिससे सोशल डिस्टैंसिंग भी बरक़रार रहे और हम काम भी शुरू कर सकें ताकि उद्योग पर बहुत गहरी चोट न पड़े।’

कोरोना वायरस के संकट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ़्रेसिंग के जरिये बातचीत की। इस दौरान कई अहम क़दमों को लेकर चर्चा हुई है। इसमें कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी हिस्सा लिया। वीडियो कॉन्फ़्रेसिंग में दिल्ली, तेलंगाना आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश उत्तराखंड, मिज़ोरम, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, बिहार, त्रिपुरा सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया।  भारत में बीते कुछ दिनों में कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। बुधवार को 400 से ज़्यादा नये मामले सामने आये हैं और संक्रमित व्यक्तियों का आंकड़ा 2000 से ज़्यादा हो गया है। ऐसे में केंद्र व राज्यों के मिलकर चलने से ही इस लड़ाई को जीता जा सकता है। 

इस बैठक में उद्योगपतियों ने यह माँग भी रखी कि कुछ समय के लिए कर्मचारी बीमा कोष में पैसे जमा करने की बाध्यता ख़त्म कर दी जाए। इस योजना के तहत कंपनियों को ईएसआई स्कीम में पैसे जमा कराने होते हैं ताकि उस पैसे से कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर खर्च किया जा सके। उद्योग ने यह माँग भी की है कि कुछ दिन के लिए 15 हज़ार रुपए वेतन पाने वालों के पीएफ़ में पैसे डालने की बाध्यता हटा ली जाए, क्योंकि सरकार ने 3 महीनों तक यह पैसा देने की बात कही है। 

टेलीकॉम इक्विपमेंट एंड सर्विसेज एक्सपोर्ट प्रमोशन कौंसिल के प्रमुख श्यामल घोष न कहा कि ऐसी स्थिति हो जाएगी कि किसी को पैसे नहीं दिए जा सकेंगे। यदि खर्च होने वाले पैसे निर्यात से वापस नहीं मिले तो समस्या होगी। इस स्थिति में उद्योगों को कुछ पैसे आसानी से नहीं मिले तो वेतन का भुगतान करना भी मुश्किल हो जाएगा।


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