28 जून 2026 (रविवार) का पंचांग विवरण: ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि & सूर्योदय: लगभग 05:10 AM से 05:26 AM के बीच & सूर्यास्त: लगभग 06:52 PM से 07:23 PM के बीच [1, 2, 3] & तिथि: ज्येष्ठ शुक्ल चतुर्दशी तिथि & नक्षत्र: ज्येष्ठा नक्षत्र (अगले दिन 29 जून की रात 01:10 AM तक) & राहुकाल: शाम 05:10 PM से 06:52 PM तक & अभिजीत मुहूर्त: 11:34 AM से 12:29 PM तक & ब्रह्म मुहूर्त: 03:48 AM से 04:29 AM तक & अमृत काल: दोपहर 03:16 PM से 05:04 PM तक by Chandra Shekhar Joshi Mob. 9412932030

28 जून को कई प्रमुख भारतीय और अंतरराष्ट्रीय हस्तियों का जन्म हुआ है, जिनमें भारत के पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव, दिग्गज उद्योगपति एलन मस्क और प्रसिद्ध दानवीर भामाशाह शामिल हैं
28 जून से जुड़े प्रमुख दिवसों की सूची इस प्रकार है:
- राष्ट्रीय बीमा जागरूकता दिवस: यह दिन लोगों को वित्तीय सुरक्षा के लिए बीमा (Life Insurance और Health Insurance) के महत्व और जरूरतों के बारे में जागरूक करने के लिए मनाया जाता है।
Testbook
- अंतर्राष्ट्रीय बॉडी पियर्सिंग दिवस (International Body Piercing Day): यह दिन बॉडी पियर्सिंग कला को समर्पित है।
- कैप्स लॉक डे (CAPS LOCK Day): यह कीबोर्ड पर ‘कैप्स लॉक’ बटन के अत्यधिक और मज़ेदार उपयोग को याद करने के लिए मनाया जाता है।
- लॉग केबिन दिवस (Log Cabin Day): जून के आखिरी रविवार को मनाया जाने वाला यह दिवस ऐतिहासिक लॉग केबिन और पुरानी वास्तुकला का जश्न मनाता है।
- राष्ट्रीय टैपिओका दिवस (National Tapioca Day): टैपिओका (साबूदाना) प्रेमियों द्वारा विभिन्न व्यंजनों के रूप में मनाया जाने वाला एक उत्सव।
ऐतिहासिक महत्व:
ऐतिहासिक रूप से, 28 जून 1969 को न्यूयॉर्क शहर में स्टोनवॉल दंगे शुरू हुए थे, जो वैश्विक स्तर पर LGBTQ+ अधिकार आंदोलन की शुरुआत का प्रतीक माने जाते हैं।

विशेष रविवार उपाय:
चूंकि आज शुद्ध ज्येष्ठ मास की चतुर्दशी तिथि है और कल पूर्णिमा है, इसलिए आज सुबह सूर्योदय के समय तांबे के लोटे में जल, अक्षत, थोड़ा सा सिंदूर और लाल फूल मिलाकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’ का जाप करें। इसके बाद आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से आत्मविश्वास बढ़ता है, सरकारी क्षेत्र से लाभ मिलता है और आरोग्यता की प्राप्ति होती है।
ज्योतिष शास्त्र और देवत्व: ब्रह्मांडीय संबंध
ज्योतिष शास्त्र का परिचय
ज्योतिष शास्त्र एक प्राचीन विद्या है जो खगोलीय पिंडों, जैसे ग्रहों और तारों की स्थिति और चाल का अध्ययन करती है, और यह मानती है कि ये मानव जीवन और घटनाओं को प्रभावित करते हैं। यह एक जटिल प्रणाली है जिसमें जन्म कुंडली का निर्माण और विश्लेषण शामिल है, जिसका उपयोग व्यक्ति के व्यक्तित्व, भविष्य और जीवन के विभिन्न पहलुओं की भविष्यवाणी करने के लिए किया जाता है। यह विद्या विभिन्न संस्कृतियों और सभ्यताओं में भिन्न-भिन्न रूपों में पाई जाती है।
देवत्व की अवधारणा
देवत्व की अवधारणा विभिन्न धर्मों और आध्यात्मिक परंपराओं में अलग-अलग तरीकों से व्यक्त की जाती है। यह एक उच्च शक्ति, ईश्वर, या ब्रह्मांडीय चेतना का विचार है जो सृष्टि और जीवन को नियंत्रित करती है। देवत्व को अक्सर नैतिकता, न्याय, प्रेम और ज्ञान के स्रोत के रूप में देखा जाता है। ज्योतिष शास्त्र में, ग्रहों और नक्षत्रों को कभी-कभी देवताओं या दिव्य शक्तियों से जोड़ा जाता है, जो उनके प्रभावों को स्पष्ट करने का एक तरीका हो सकता है।
ज्योतिष और देवत्व का संबंध
ज्योतिष शास्त्र और देवत्व का संबंध गहरा और जटिल है। कई ज्योतिषीय प्रणालियों में, ग्रह और नक्षत्र विभिन्न देवी-देवताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। उदाहरण के लिए, वैदिक ज्योतिष में, सूर्य को सूर्य देव, चंद्रमा को चंद्र देव और मंगल को मंगल देव से जोड़ा जाता है। यह संबंध यह दर्शाता है कि खगोलीय गति को दिव्य शक्तियों की अभिव्यक्ति माना जाता है, जो मानव जीवन पर प्रभाव डालती हैं। ज्योतिषीय उपाय अक्सर देवताओं की पूजा या उनसे संबंधित अनुष्ठानों के माध्यम से किए जाते हैं।
आध्यात्मिक विकास में भूमिका
कुछ लोग ज्योतिष को आत्म-ज्ञान और आध्यात्मिक विकास के साधन के रूप में देखते हैं। उनका मानना है कि जन्म कुंडली का अध्ययन व्यक्ति को अपनी शक्तियों और कमजोरियों को समझने में मदद कर सकता है, जिससे वे अपने जीवन को और अधिक सार्थक बना सकते हैं। देवत्व में विश्वास और ज्योतिषीय ज्ञान का संयोजन कुछ लोगों को ब्रह्मांड में अपने स्थान और उद्देश्य को समझने में मदद करता है। यह उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने और आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने में सहायता कर सकता है।